उत्तर प्रदेश के बलिया में जाति प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर 50 हजार रुपये मांगने के आरोप से हड़कंप मच गया है। शिकायतकर्ता ने राजस्व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोबाइल बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग अधिकारियों को सौंपी।

UP News : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जाति प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत में राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर सदर तहसील क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में तैनात क्षेत्रीय लेखपाल संदीप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। मामला सुल्तानपुर निवासी सुरेंद्र प्रसाद तुरैहा की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि तुरैहा जाति का प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए प्रति आवेदन 50 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायत के साथ मोबाइल पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध कराई गई थी। UP News
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उससे कथित तौर पर बड़ी रकम की मांग की गई। इस मामले में उपलब्ध कराई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग को भी जांच के दायरे में लिया गया। हालांकि, प्रारंभिक जांच में रिकॉर्डिंग में बातचीत करने वाले व्यक्ति की पहचान स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं हो सकी है। UP News
शिकायतकर्ता ने अधिकारियों को दो अलग-अलग ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई थीं। इन रिकॉर्डिंग की तारीख 8 अप्रैल 2026 और 17 सितंबर 2026 बताई गई है। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली आवाज क्षेत्रीय लेखपाल संदीप सिंह की है। UP News
तहसीलदार सदर की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि शिकायतकर्ता द्वारा पहले भी ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किए गए थे। आवश्यक साक्ष्य और अभिलेख उपलब्ध नहीं होने के कारण इन आवेदनों का पोर्टल पर नियमानुसार निस्तारण किया गया था। UP News
प्रारंभिक परीक्षण के दौरान ऑडियो रिकॉर्डिंग में मौजूद आवाज की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी। इसके बावजूद शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों और उपलब्ध कराई गई सामग्री को गंभीर मानते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की जरूरत महसूस की गई। UP News
तहसीलदार की रिपोर्ट के अनुसार, ऑडियो में जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रति आवेदन 50 हजार रुपये की मांग से जुड़ी बातचीत का उल्लेख है। इसमें रकम का कुछ हिस्सा अधिकारियों को दिए जाने संबंधी कथित बातचीत का भी जिक्र किया गया है। रिकॉर्डिंग में पैसे देने के बाद ऑनलाइन आवेदन कराने और अगले दिन बांसडीह कचहरी पहुंचने की बात कही गई थी। इन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। UP News
मामले को राजस्व विभाग से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अवैध धन उगाही के गंभीर आरोपों से संबंधित मानते हुए तहसीलदार ने लेखपाल के निलंबन और विभागीय जांच की संस्तुति की। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर संदीप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में लेखपाल संदीप सिंह को तहसील बलिया के भूलेख कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मामले की विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। UP News
मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोपों को गंभीरता से लिया जाएगा। प्रशासन की कार्रवाई से राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भी संदेश गया है कि शिकायत मिलने पर जांच के बाद जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। UP News
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