बलिया की बांसडीह तहसील में बाढ़ और कटान के मुद्दे पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। सपा नेता प्रवीण सिंह ने आवास, मुआवजे, जमीन के दोबारा सर्वे और KCC ऋण में राहत की मांग उठाई।

UP News : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बाढ़ और नदी कटान से प्रभावित लोगों की समस्याओं को लेकर बुधवार को बांसडीह तहसील परिसर में प्रदर्शन हुआ। ‘अस्तित्व बचाओ आंदोलन’ के तहत समाजवादी पार्टी के युवा नेता प्रवीण सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और युवा एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित परिवारों को राहत, जमीन के नुकसान का दोबारा सर्वे और कटान से बचाव के लिए ठोस इंतजाम करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बाढ़ और कटान ने कई परिवारों के सामने आवास और आजीविका का संकट खड़ा कर दिया है। इसी मुद्दे पर ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें उठाईं। आंदोलन के दौरान ‘अस्तित्व हमारा नहीं बचा तो कुर्सी तुम्हारी नहीं बचेगी’ का नारा भी चर्चा में रहा। UP News :
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीण पहले बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर तिराहे पर एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए बांसडीह तहसील की ओर मार्च किया। तहसील परिसर के मुख्य द्वार पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक तथा धक्का-मुक्की होने की बात सामने आई। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आक्रोश कम नहीं हुआ और वे नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में दाखिल हो गए। आंदोलन का मुख्य मुद्दा बाढ़ और नदी कटान से प्रभावित परिवारों को राहत देने के साथ-साथ भविष्य में नुकसान रोकने के लिए स्थायी उपाय किए जाने की मांग रहा। UP News :
यह भी पढ़ें : करवा चौथ से पहले बाजारों में रौनक, मेहंदी स्टॉल पर लगीं लंबी कतारें
तहसील परिसर में लोगों को संबोधित करते हुए सपा नेता प्रवीण सिंह ने राहत और बचाव कार्यों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है और कटान रोकने के लिए किए गए कार्यों में अनियमितताएं हुई हैं। प्रवीण सिंह ने दावा किया कि जियो बैग की जगह सामान्य सीमेंट की बोरियों में स्थानीय बालू और मिट्टी भरकर इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इस मामले में खर्च और काम की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग भी उठाई। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
सपा नेता ने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर यह लड़ाई तहसील से आगे राजधानी लखनऊ तक ले जाई जाएगी।
प्रदर्शन के अंत में प्रवीण सिंह ने उपजिलाधिकारी बांसडीह को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें बाढ़ और कटान से प्रभावित परिवारों तथा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए चार प्रमुख मांगें रखी गईं।
ज्ञापन प्राप्त करते हुए उपजिलाधिकारी बांसडीह ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि रिंग बांध की मरम्मत और बोल्डर पिचिंग से संबंधित योजनाएं शासन स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांगों को गंभीरता से लेकर उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। अब प्रभावित ग्रामीणों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाढ़ और कटान से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन और शासन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि राहत और पुनर्वास के साथ कटान रोकने के लिए स्थायी इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में उनके घरों, जमीन और आजीविका को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। UP News :
विज्ञापन