बलिया में गंगा कटान से विस्थापित सैकड़ों परिवार करीब 35 साल से NH-31 किनारे तिरपाल में रह रहे हैं। नारद राय ने DM से पुनर्वास के लिए जमीन की मांग की।

UP News : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में गंगा नदी के कटान से विस्थापित परिवारों की मुश्किलें वर्षों बाद भी खत्म नहीं हुई हैं। फेफना विधानसभा क्षेत्र के सोहांव विकासखंड की ग्राम पंचायत कुल्हड़िया (उमरपुर दियर) के सैकड़ों परिवार करीब 35 वर्षों से NH-31 के किनारे झोपड़ियों और तिरपाल के सहारे जीवन गुजार रहे हैं। अब इन परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता नारद राय आगे आए हैं। नारद राय ने कटान पीड़ितों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बलिया के जिलाधिकारी से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विस्थापित परिवारों को रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की।
जानकारी के अनुसार, करीब 1890 के आसपास आई भीषण बाढ़ और गंगा नदी के तेज कटान में कुल्हड़िया गांव के सैकड़ों लोगों के घर नदी में समा गए थे। घर और जमीन गंवाने के बाद तत्कालीन प्रशासन के आश्वासन पर इन परिवारों को तेतारपुर मौजा में NH-31 के दोनों तरफ बसाया गया था। विस्थापित परिवारों का कहना है कि तब से लेकर आज तक वे मजदूरी और अन्य छोटे-मोटे काम करके किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। स्थायी आवास नहीं होने के कारण बारिश और बाढ़ के दिनों में उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। UP News :
कटान पीड़ितों का कहना है कि 31 जुलाई 2012 को उत्तर प्रदेश शासन की ओर से कटान प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर शासनादेश जारी किया गया था। इसके बावजूद उन्हें अब तक पुनर्वास के लिए स्थायी भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई। NH-31 के किनारे रहने के कारण परिवारों की सुरक्षा पर भी सवाल बना रहता है। पीड़ितों के अनुसार, सड़क के पास रहने से आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और कई लोग हादसों में जान गंवा चुके हैं। वहीं, बुनियादी सुविधाओं के अभाव का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।
पूर्व मंत्री नारद राय और कटान पीड़ितों के सहयोगी नेता विनोद सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के सामने परिवारों की समस्याएं रखीं। नारद राय ने कहा कि कुल्हड़िया गांव के सैकड़ों लोग वर्षों पहले गंगा के कटान में बेघर हो गए थे और आज भी तिरपाल के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर हैं।
नारद राय के मुताबिक, जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम बलिया को तत्काल मौके पर जाकर सर्वे करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि कटान में जिन लोगों के मकान बह गए थे, उनकी स्थिति का सर्वे कराया जाएगा और पात्र परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। UP News :
विज्ञापन