बांदा की मशहूर बालूशाही और सोहन हलुआ यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में प्रदर्शित होंगे। ओडीओपी के तहत दो मिठाई कारोबारियों का चयन हुआ है।

UP News: बुंदेलखंड की पारंपरिक मिठास अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मंच पर अपनी पहचान बनाने की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की मशहूर बालूशाही और पारंपरिक सोहन हलुआ अब ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में प्रदर्शित किए जाएंगे। इस आयोजन में बांदा के चयनित मिठाई कारोबारी अपने पारंपरिक उत्पादों का स्टॉल लगाकर देश-विदेश से आने वाले खरीदारों के सामने बुंदेलखंड के स्वाद को पेश करेंगे। ओडीओपी (One District One Product) योजना के तहत बांदा से बोड़ेराम एंड संस और बासु मिष्ठान का चयन किया गया है। दोनों कारोबारी ट्रेड शो में बालूशाही और सोहन हलुआ के स्टॉल लगाएंगे। इससे स्थानीय मिठाई कारोबारियों को संभावित खरीदारों और व्यापारियों से सीधे संपर्क करने का अवसर मिलेगा।
बांदा की बालूशाही और सोहन हलुआ लंबे समय से स्थानीय मिठाई बाजार में अपनी अलग पहचान रखते हैं। इन पारंपरिक मिठाइयों को अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में प्रदर्शित किए जाने से बुंदेलखंड के स्थानीय स्वाद को बड़े बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशी कारोबारी और खरीदार भी पहुंचेंगे। ऐसे में बांदा के मिठाई कारोबारियों को अपने उत्पादों की पहचान नए बाजारों में बनाने और संभावित व्यावसायिक संपर्क विकसित करने का मौका मिल सकता है। UP News:
उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त सुधीर श्रीवास्तव के मुताबिक, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में बांदा से विभिन्न श्रेणियों के उद्यमी हिस्सा लेंगे। इनमें ओडीओपी योजना के तहत बोड़ेराम एंड संस और बासु मिष्ठान का चयन किया गया है। दोनों प्रतिष्ठान ट्रेड शो में बालूशाही और सोहन हलुआ का प्रदर्शन करेंगे। यहां कारोबारी अपने उत्पादों को संभावित खरीदारों और व्यापारियों के सामने सीधे प्रस्तुत कर सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में बांदा की पारंपरिक मिठाइयों की मौजूदगी स्थानीय कारोबारियों के लिए नए व्यापारिक अवसर पैदा कर सकती है। ट्रेड शो के जरिए उन्हें अपने उत्पादों की पैकेजिंग, बाजार की मांग और संभावित खरीदारों से जुड़ने का अनुभव भी मिलेगा। यदि इन पारंपरिक मिठाइयों को नए बाजारों में पसंद किया जाता है, तो भविष्य में स्थानीय कारोबार के विस्तार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
बालूशाही और सोहन हलुआ जैसे पारंपरिक उत्पाद सिर्फ मिठाई नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की स्थानीय खाद्य परंपरा का हिस्सा हैं। अब इन्हें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच पर पेश किए जाने से बांदा के पारंपरिक स्वाद को व्यापक बाजार तक पहुंचाने का रास्ता खुल सकता है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में बांदा की भागीदारी स्थानीय उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों को बड़े व्यापारिक मंच पर प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगी। UP News:
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