बांदा के बदौसा में पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान हैं। दुबरिया, नदी टोला समेत कई इलाकों में पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो रही। नाराज ग्रामीणों ने जल सत्याग्रह शुरू किया।

UP News : बुंदेलखंड में पेयजल संकट एक बार फिर लोगों की परेशानी का कारण बन गया है। बांदा जिले के बदौसा कस्बे में करोड़ों रुपये की लागत से पाइपलाइन और पानी की टंकियां बनाए जाने के बावजूद कई मोहल्लों और मजरों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने की शिकायत सामने आई है। दुबरिया, नदी टोला, बरछा ब और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों के ग्रामीण पानी के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घर-घर पानी पहुंचाने के उद्देश्य से पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन कई क्षेत्रों में अब भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच रहा है। कुछ स्थानों पर पानी की आपूर्ति होती भी है तो उसका दबाव इतना कम रहता है कि लोगों की जरूरत पूरी नहीं हो पाती। पानी की गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीणों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं।
पेयजल संकट का असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, पानी जुटाने के लिए महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सुबह से लेकर देर रात तक मशक्कत करनी पड़ रही है। कई जगह एक-एक बाल्टी पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, तुर्रा पेयजल समूह की आपूर्ति भी नदी टोला, दुबरिया और अन्य ऊंचाई वाले मोहल्लों तक पर्याप्त दबाव के साथ नहीं पहुंच पा रही है। इससे इन इलाकों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल संकट की जानकारी अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है। उपजिलाधिकारी अतर्रा के सामने भी समस्या उठाकर नियमित पेयजल आपूर्ति की मांग की गई। विभागीय स्तर पर विद्युत आपूर्ति की समस्या को पानी की व्यवस्था प्रभावित होने की वजह बताया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पेयजल योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं तो इसके बावजूद लोगों को पानी के लिए भटकना क्यों पड़ रहा है। ग्रामीणों ने योजना के प्रभावी संचालन और सभी प्रभावित मोहल्लों तक नियमित पानी पहुंचाने की मांग की है।
लगातार जारी पेयजल संकट से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को हाईवे प्लानर स्थित देवी मंदिर के पास ‘जल सत्याग्रह आंदोलन’ शुरू किया। धरने में नदी टोला, मुक्तिधाम और दुबरिया क्षेत्र के पेयजल संकट से प्रभावित ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की जांच कराई जाए और जिन मोहल्लों में पानी नहीं पहुंच रहा है, वहां नियमित एवं पर्याप्त दबाव के साथ पानी उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पानी की गुणवत्ता की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों के जल सत्याग्रह के बाद प्रशासन पेयजल संकट के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है। UP News :
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