बांदा के नरैनी क्षेत्र में बिजली कनेक्शन और मीटर के नाम पर हजारों रुपये वसूलने का आरोप। ग्रामीणों का दावा है कि हर महीने बिल देने के बावजूद उन पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ। पढ़े पूरी खबर।

UP News:उत्तर प्रदेश के बांदा से बिजली विभाग के कर्मचारियों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली कनेक्शन और मीटर लगवाने के नाम पर उनसे हजारों रुपये वसूले गए। इतना ही नहीं, हर महीने बिजली बिल के नाम पर भी पैसे लिए जाते रहे। लेकिन जब विद्युत विभाग की टीम ने गांव में छापेमारी की तो जिन परिवारों को वैध कनेक्शन होने का भरोसा दिया गया था, उन्हीं के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कर जुर्माने की रसीद भेज दी गई। अब खुद को ठगा महसूस कर रहे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। UP News
पूरा मामला बांदा जिले के नरैनी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिपरहरी के मजरा चौहानन पुरवा का है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत विभाग के लाइनमैन अशरफ और कृपाली ने गांव में बिजली कनेक्शन और मीटर लगवाने के नाम पर लोगों से एक हजार से लेकर दस हजार रुपये तक वसूले। आरोप है कि पैसे लेने के बाद कर्मचारियों ने बिजली के खंभे से केबल जोड़कर घरों में बिजली सप्लाई शुरू करा दी। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि मीटर आने के बाद लगा दिया जाएगा और विभाग में उनकी रकम जमा की जा रही है। UP News
ग्रामीणों का कहना है कि कथित वसूली का सिलसिला सिर्फ कनेक्शन तक सीमित नहीं रहा। आरोप है कि दोनों कर्मचारी हर महीने 300 से 400 रुपये तक बिजली बिल के नाम पर भी लेते रहे। हैरानी की बात यह है कि ग्रामीणों को इन पैसों के बदले कोई रसीद नहीं दी गई। गरीब परिवार यही समझते रहे कि उनका बिजली कनेक्शन वैध है और विभाग की ओर से सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। UP News
करीब एक महीने पहले विद्युत विभाग की संयुक्त टीम ने गांव में छापेमारी की। इसके बाद कई ग्रामीणों के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कर दिया गया और उन्हें जुर्माने की रसीद भेज दी गई। जिन परिवारों ने कनेक्शन के नाम पर हजारों रुपये दिए थे, वे अब बिजली चोरी के आरोपों का सामना कर रहे हैं। जुर्माने की रसीद मिलने के बाद गरीब परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। UP News
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने विभागीय कर्मचारियों पर भरोसा करके पैसे दिए थे। अब बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज होने और जुर्माने की कार्रवाई से वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित अवैध वसूली करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। UP News
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