बांदा में करीब 12 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट मामले में अदालत ने तीन अभियुक्तों को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। फैसले के बाद तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार बांदा भेज दिया गया। पढ़े पूरी खबर

UP News:उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में गंभीर अपराधों में शामिल रहे तीन अभियुक्तों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कानूनी शिकंजा कस गया है। करीब 12 साल पुराने मामले में विशेष गैंगस्टर अदालत ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषसिद्ध अभियुक्त पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में तीनों को दो-दो महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। UP News
अभियोजन के मुताबिक, तीनों अभियुक्तों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को ध्यान में रखते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस द्वारा तैयार गैंगचार्ट में उनके आपराधिक इतिहास और आधारभूत मुकदमों का विवरण शामिल किया गया था। अभियोजन पक्ष ने यह भी बताया कि हत्या के एक मामले में अभियुक्तों को पहले ही आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है।मामले में रामबहादुर सिंह उर्फ दाऊ सिंह को गिरोह का कथित सरगना बताया गया, जबकि कल्लू सिंह और बलराम उर्फ बल्लू को गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया गया। पुलिस ने उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड और संबंधित मुकदमों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई को आगे बढ़ाया था। UP News
यह मामला बांदा के थाना कोतवाली नगर में दर्ज मुकदमा संख्या 653/2014 से संबंधित है। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीपाल सिंह की अदालत में हुई। गुरुवार को अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अपना फैसला सुनाया।अभियोजन पक्ष ने अदालत में गैंगचार्ट, आपराधिक इतिहास, प्राथमिकी (एफआईआर), सामान्य डायरी (जीडी), आरोपपत्र और अभियोजन स्वीकृति सहित विभिन्न दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसके साथ ही मौखिक साक्ष्यों के माध्यम से भी अभियोजन ने अपना पक्ष रखा। UP News
अदालत ने अपने फैसले में अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक दोषसिद्ध अभियुक्त को दो महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतने का आदेश भी दिया। फैसला सुनाए जाने के बाद तीनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार बांदा भेज दिया गया।इस मामले में सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में उपलब्ध दस्तावेजों और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को साबित करने का प्रयास किया। अदालत ने साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अपना निर्णय सुनाया। UP News
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