आखिर बस की छत पर इतना भारी सामान किसकी अनुमति से लदा था और हादसे के बाद बस क्यों नहीं रोकी गई ? बांदा की इस घटना ने प्राइवेट बसों में ओवरलोडिंग और यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के बांदा शहर में बुधवार की भोर सुबह को उस वक्त हड़कंप मच गया,जब पुलिस अधीक्षक आवास के सामने से गुजर रही एक ओवरलोड प्राइवेट स्लीपर बस ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों से टकरा गई।तारों से अचानक चिंगारियां निकलने लगीं तो सड़क पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।बस में 20 से ज्यादा यात्री सवार बताए जा रहे हैं।बताया जा रहा है कि 'दिनेश ड्रीम लाइन' बस की छत पर भारी सामान लदा था।महाराणा प्रताप चौक से एसपी आवास की ओर गुजरते समय बस का सामान बिजली के तारों से जा टकराया।गनीमत रही कि तार नहीं टूटा,वरना बड़ा हादसा हो सकता था। UP News
घटना के बाद बस चालक बस लेकर आगे निकल गया। राहगीरों ने बस का पीछा किया और पीली कोठी के पास बस से सामान उतारे जाने की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।सूचना मिलते ही सेल टैक्स विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बस व सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। UP News
घटना के बाद प्राइवेट बसों में यात्रियों के साथ व्यावसायिक माल की ढुलाई और ओवरलोडिंग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे रूट की कुछ बसों में सामान ढोए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।हालांकि,इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। अब सवाल यह है कि बस की छत पर इतना सामान किसकी अनुमति से लादा गया था? अगर हाईटेंशन तार टूट जाता तो क्या होता? घटना के बाद परिवहन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर सबकी नजर है।बांदा में बड़ा हादसा टला,लेकिन इस घटना ने प्राइवेट बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। UP News
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