गोरखपुर के बांसगांव में थप्पड़ कांड के बाद दर्ज एफआईआर को लेकर विवाद बढ़ गया है। नगर पंचायत बांसगांव स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग जुटे और पूर्व चेयरमैन व सपा के पूर्व नेता अंशुमान सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर नाराजगी जताई।

UP News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बांसगांव में थप्पड़ कांड के बाद दर्ज एफआईआर और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। नगर पंचायत बांसगांव स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग जुटे। बैठक में बांसगांव के पूर्व चेयरमैन और सपा के पूर्व नेता अंशुमान सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर नाराजगी जताई गई। बैठक में मौजूद लोगों ने एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा लगाए जाने पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो आगे बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
बताया गया कि गोरखपुर प्रेस क्लब सभागार में हुई थप्पड़ कांड की घटना के बाद अंशुमान सिंह और उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मुकदमे में हत्या के प्रयास की धारा शामिल किए जाने को लेकर बांसगांव में क्षत्रिय समाज के लोगों ने आपत्ति जताई है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच के दौरान किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि कानून के अनुसार कार्रवाई हो, लेकिन मुकदमे में लगाई गई धाराओं की भी निष्पक्ष समीक्षा की जाए। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रीती सिंह के प्रतिनिधि विजय कुमार सिंह (बबल बाबू) की ओर से बैठक आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। बैठक के दौरान अंशुमान सिंह के खिलाफ कार्रवाई और उनके परिवार को लेकर लगाए जा रहे कथित पुलिस उत्पीड़न के आरोपों पर चर्चा हुई। बांसगांव सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष यशवंत सिंह श्रीनेत एडवोकेट, मंत्री विनय कुमार सिंह एडवोकेट, कनिष्ठ उपाध्यक्ष मांधाता सिंह, हरिनरायन सिंह (गोला), रत्नेश्वर सिंह राजू, राणा प्रताप सिंह, विजय प्रताप सिंह राशू, पवन शाही कौशिक और कोठा के ज्ञानेन्द्र सिंह समेत कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। UP News :
बैठक में सपा नेता नगीना साहनी और मंत्री संजय निषाद की ओर से क्षत्रिय समाज को लेकर दिए गए कथित बयानों पर भी वक्ताओं ने नाराजगी जताई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के सम्मान और न्याय से जुड़े मुद्दों पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। हालांकि, बैठक में रखे गए इन आरोपों और बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एसडीएम को सौंपा जाएगा। इसमें अंशुमान सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा हटाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल होगी। इसके अलावा अंशुमान सिंह के परिवार के खिलाफ चल रहे कथित पुलिस उत्पीड़न को तत्काल रोकने की मांग भी की जाएगी। UP News :
बैठक में मौजूद लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो क्षत्रिय समाज की ओर से व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
फिलहाल बांसगांव में थप्पड़ कांड के बाद दर्ज एफआईआर को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। एक ओर पुलिस कार्रवाई और मुकदमे की धाराएं चर्चा में हैं, वहीं दूसरी ओर सामाजिक संगठनों की सक्रियता ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। अब प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर है।
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