बाराबंकी में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 2015 के हत्या के प्रयास मामले में नन्दू तिवारी को 10 साल की सजा। जानिए कोर्ट के फैसले और पुलिस की पैरवी की पूरी जानकारी।

UP News : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में करीब 11 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दोषी नन्द किशोर उर्फ नन्दू तिवारी को 10 साल के कठोर कारावास और 60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस की ओर से की गई प्रभावी पैरवी और न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद आया है। मामला थाना कोठी क्षेत्र में वर्ष 2015 में दर्ज किया गया था।
बाराबंकी पुलिस के अनुसार, थाना कोठी में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में नन्द किशोर उर्फ नन्दू तिवारी पुत्र राजनरायण उर्फ रज्जू, निवासी सेमरावां, थाना कोठी को दोषसिद्ध पाया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-10, बाराबंकी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पुलिस ने इस फैसले को गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया है। UP News
पुलिस के मुताबिक, यह मामला 4 जुलाई 2015 का है। थाना कोठी क्षेत्र के ग्राम रहीमपुर निवासी वीनू, पत्नी गंगाराम, ने अपने पति पर जान से मारने की नीयत से हमला किए जाने की शिकायत पुलिस से की थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 101/2015 दर्ज किया था। इसमें हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 307 भारतीय दंड संहिता और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 लगाई गई थीं। मामले की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने की। पुलिस ने साक्ष्य एकत्र करने के बाद विवेचना पूरी की और अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। UP News
बाराबंकी पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी के निर्देशन में गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में प्रभावी पैरवी की जा रही है। इसके तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने और न्यायालय में मजबूत पक्ष रखने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, इस मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत जघन्य एवं सनसनीखेज अपराध के रूप में चिह्नित किया गया था। इसी अभियान के तहत अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में मामले से जुड़े साक्ष्य और तथ्यों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। UP News
इस मामले में एडीजीसी सुनील कुमार दुबे, मॉनिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार यादव, उपनिरीक्षक अमर बहादुर सिंह, मॉनिटरिंग सेल के पुलिसकर्मियों और थाना कोठी के पैरोकार ने प्रभावी पैरवी में भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए विवेचना और अभियोजन की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है। बाराबंकी में इस मामले में आया फैसला ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की गई कार्रवाई का हिस्सा है। UP News
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