बाराबंकी के बडनपुर गांव में जर्जर इंटरलॉकिंग और अधूरे नाले के कारण बारिश में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। फिरोजपुर से गणेशपुर जाने वाले मार्ग से रोजाना ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और छात्रों का आवागमन होता है।

UP News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर तहसील क्षेत्र में सड़क की बदहाली और अधूरे नाले ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बडनपुर गांव के फिरोजपुर मोहल्ले से गणेशपुर जाने वाले प्रमुख मार्ग पर करीब 50 मीटर हिस्से में लगी इंटरलॉकिंग टाइल्स लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं। पिछले चार दिनों से हुई बारिश के बाद सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। जर्जर इंटरलॉकिंग के आसपास पानी भरने से ग्रामीणों और राहगीरों को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक इंटरलॉकिंग टाइल्स सड़क के स्तर से काफी नीचे बैठ गई हैं। बारिश होते ही पानी इन हिस्सों में जमा हो जाता है। इससे सड़क पर बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त टाइल्स का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। पैदल राहगीरों के अलावा दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है।
यह रास्ता क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों के अलावा स्कूली बच्चे, शिक्षक, बैंक जाने वाले लोग और जिला एवं शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान आने-जाने वाले छात्र-छात्राएं इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सड़क पर जलभराव होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी पैदल चलने वाले लोगों को होती है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से बनी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार जलनिकासी की समस्या का एक बड़ा कारण अधूरा नाला भी है। जिला पंचायत की ओर से बारिश के पानी की निकासी के लिए नाले का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन यह काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का दावा है कि नाला निर्माण शुरू हुए दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद नाले का काम पूरा नहीं कराया गया। नाला अधूरा होने के कारण बारिश के पानी की निकासी प्रभावित होती है और सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी रहती है। UP News:
स्थानीय निवासी संतोष, रिंकू आदि ने बताया कि सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई। ग्रामीणों के मुताबिक जिला पंचायत अध्यक्ष राजनारानी रावत को भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर सड़क और नाले की स्थिति का जायजा लें तथा बारिश के दौरान होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाएं।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि इंटरलॉकिंग का काम जिला पंचायत की ओर से कराया गया था। इसलिए इसकी मरम्मत भी जिला पंचायत स्तर से ही कराई जाएगी। वहीं ग्राम प्रधान आशा वर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर से इस कार्य को कराने का अधिकार नहीं है। जिला पंचायत को समस्या की जानकारी दी जा चुकी है। ग्रामीणों की मांग है कि अधूरे नाले का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए और क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग को नए सिरे से दुरुस्त कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से राहत मिल सके। UP News:
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