बाराबंकी में घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। तराई के गांवों और खेतों में बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है।

UP News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। रामनगर तहसील क्षेत्र में नदी खतरे के लाल निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही तराई क्षेत्र के निचले इलाकों और खेतों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है।
एल्गिन ब्रिज-संजय सेतु स्थित केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के सामने मंगलवार सुबह नौ बजे घाघरा नदी का जलस्तर 106.550 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी पवन कुमार के अनुसार, नदी खतरे के लाल निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। तराई क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी तेजी से फैलने लगा है। UP News:
बाढ़ का पानी नाले और पुलियों के रास्ते खेतों तक पहुंच गया है। इससे सूरतगंज विकासखंड के हेतमापुर, सुंदरनगर समेत कई ग्राम पंचायतों के खेत और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों को डर है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास के दूसरे गांव भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। UP News:
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह लगातार बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। राजस्व टीमों को भी प्रभावित क्षेत्रों में लगाया गया है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाई जा सके।
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को दोनों समय भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। राजस्व कर्मी गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं दर्ज करने के साथ राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा है।
बताया जा रहा है कि नेपाल क्षेत्र से लगातार पानी छोड़े जाने के साथ शारदा बैराज और गिरिजा बैराज से भी पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते घाघरा नदी में उफान बना हुआ है। नदी का बढ़ता जलस्तर अब प्रशासन के साथ-साथ तराई क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए भी चिंता का कारण बन गया है। आने वाले समय में जलस्तर में कमी आती है या बाढ़ का दायरा और बढ़ता है, इस पर प्रशासन और ग्रामीणों की नजर बनी हुई है। UP News:
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