उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में घाघरा नदी ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। जलस्तर लगातार बढ़ने से घाघरा के किनारे बसे तराई गांवों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में घाघरा नदी ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। रामनगर तहसील क्षेत्र में नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 54 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर लगातार बढ़ने से घाघरा के किनारे बसे तराई गांवों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। घाघरा घाट स्थित केंद्रीय जल आयोग के एल्गिन ब्रिज के सामने संजय सेतु के नीचे प्रवाहित नदी का जलस्तर सोमवार दोपहर 12 बजे 106.610 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी पवन कुमार के अनुसार नदी का खतरे का निशान 106.070 मीटर है। इस तरह नदी खतरे के निशान से 54 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए केंद्रीय जल आयोग की टीम 24 घंटे नदी के जलस्तर पर निगरानी बनाए हुए है। UP News
घाघरा के बढ़ते जलस्तर के पीछे नेपाल और पहाड़ी क्षेत्र से आने वाले पानी को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। पड़ोसी नेपाल की ओर से शारदा और गिरजा बैराज से लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नदी का दबाव बढ़ा है। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर है। सुबह नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका था। इससे पहले सितंबर में भी बाराबंकी में घाघरा/सरयू के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई थी और करीब 75 तटवर्ती गांवों पर बाढ़ और कटान का खतरा सामने आया था। UP News
रामनगर क्षेत्र में पिछले चार दिनों से हुई बारिश के कारण पहले से ही खेत-खलिहान और तालाब पानी से लबालब हैं। अब घाघरा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। यदि नदी का पानी और बढ़ता है तो तराई क्षेत्र के निचले गांवों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। ग्रामीण नदी के जलस्तर में जल्द कमी आने की उम्मीद लगाए हुए हैं। UP News
घाघरा की तेज धारा के साथ कटान का सबसे गंभीर असर हेतमापुर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। यहां नदी की कटान ने धार्मिक स्थलों और तटवर्ती इलाकों के लिए खतरा बढ़ा दिया है। 27 सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक हेतमापुर में वर्षों पुरानी उधिया मस्जिद नदी में समा गई, जबकि बाबा नारायण दास की तपोस्थली स्थित भगवान भोले का मंदिर भी कटान की जद में है। मंदिर को बचाने के लिए प्रशासन और बाढ़ विभाग की टीमें मौके पर काम कर रही हैं। UP News
घाघरा का जलस्तर बढ़ने के साथ तपेशिपाह, कोरिन पुरवा, सिसौंडा, मल्लाहन पुरवा, लहड़रा, लोहटी-जई, मढ़ना, हरिनारायणपुर, मथुरा पुरवा, केसियापुर, मीतपुर और हेतमापुर समेत आसपास के तराई गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर और कटान के कारण खेतों तथा तटवर्ती जमीन को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। UP News
बाढ़ की स्थिति पर जिला प्रशासन लगातार नजर रखे हुए है। जिलाधिकारी किशन प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के साथ रामनगर एसडीएम आकांक्षा गुप्ता, तहसीलदार विपुल सिंह तथा राजस्व टीम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रही है। रविवार को भी प्रशासनिक अधिकारियों ने हेतमापुर क्षेत्र का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने बाढ़ और कटान की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। UP News
केंद्रीय जल आयोग की टीम नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रही है। सोमवार को 106.610 मीटर का जलस्तर दर्ज होने के बाद प्रशासन और ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर है कि नदी का जलस्तर आगे और बढ़ता है या इसमें गिरावट शुरू होती है। फिलहाल घाघरा के लाल निशान से ऊपर बहने के कारण रामनगर क्षेत्र के तराई गांवों में बाढ़ की आशंका बनी हुई है। UP News
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