उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में हत्या के एक मामले में अदालत के फैसले ने सबका ध्यान खींचा है। आखिर युवक मोनू की मौत के मामले में ऐसा क्या हुआ कि तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई ?

UP News : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में हत्या के एक मामले में अदालत ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला कोतवाली नगर क्षेत्र में युवक की मौत से जुड़े मामले में सुनाया गया। पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की गई प्रभावी पैरवी और न्यायालय में पेश किए गए साक्ष्यों ने मामले में अहम भूमिका निभाई। UP News
पुलिस के अनुसार, 27 मई 2025 को राकेश कुमार पुत्र भुवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बेटे मोनू को अभियुक्तों ने छत से नीचे फेंक दिया था। इस घटना में मोनू की मौत हो गई थी। शिकायत के आधार पर कोतवाली नगर थाने में मुकदमा संख्या 528/2025 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और एससी-एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(V) के तहत कार्रवाई की गई। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। UP News
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मामले में महताब पुत्र इस्तियाक निवासी सिविल लाइन, आकिब पुत्र फिरोज निवासी काशीराम कॉलोनी और मोहम्मद निहाल पुत्र नूर मोहम्मद निवासी काशीराम कॉलोनी को दोषी ठहराया गया है। विशेष एससी-एसटी न्यायालय ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। UP News
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