जिस सड़क से गांवों तक बेहतर आवागमन की उम्मीद जगी थी, उसकी मौजूदा तस्वीर अब कई सवाल खड़े कर रही है। बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क जगह-जगह टूटती नजर आ रही है।

UP News : जिस सड़क से गांवों तक बेहतर आवागमन की उम्मीद जगी थी, उसकी मौजूदा तस्वीर अब कई सवाल खड़े कर रही है। बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क जगह-जगह टूटती नजर आ रही है। कहीं डामर की परत गायब है तो कहीं गड्ढों ने राह मुश्किल कर दी है। हैरानी की बात यह है कि सड़क को बने अभी ज्यादा समय नहीं बीता है और इसके अनुरक्षण की अवधि भी चल रही है।कहीं डामर की परत उखड़ी है तो कहीं सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क के किनारे की पटरियां भी कई स्थानों पर गायब हैं और झाड़ियां सड़क तक पहुंच गई हैं। UP News
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस मार्ग का निर्माण 21 सितंबर 2022 से शुरू कराया गया था। उपलब्ध योजना विवरण के मुताबिक सड़क के निर्माण के साथ पांच वर्ष के अनुरक्षण की व्यवस्था भी निर्धारित की गई थी। मार्ग के अनुरक्षण की अवधि 30 दिसंबर 2023 से 29 दिसंबर 2028 तक है। इसके लिए 37.63 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। ऐसे में अनुरक्षण अवधि के दौरान सड़क की मौजूदा स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। UP News
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के बाद सड़क के किनारों पर पानी जमा होने से कई हिस्सों में डामर की परत कमजोर होकर उखड़ने लगी। इसके अलावा जगह-जगह बने गड्ढों के कारण बाइक और चारपहिया वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सड़क के दोनों किनारों पर कई जगह झाड़ियां भी फैल गई हैं। इससे मार्ग की चौड़ाई प्रभावित होने के साथ वाहनों के आवागमन में भी दिक्कत बताई जा रही है। UP News
योजना के तहत सड़क के अनुरक्षण में कई तरह के कार्य शामिल हैं। इनमें बारिश के बाद झाड़ियों की कटाई, रेन कट की मरम्मत, सड़क की पटरियों का रखरखाव, डामर की सतह पर बने गड्ढों और दरारों की भराई, नालियों की देखरेख तथा पुलियों का रखरखाव शामिल है। अनुरक्षण की जिम्मेदारी मैसर्स राहत अली, आदमपुर, जरवल रोड, बहराइच को दी गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर अनुरक्षण संबंधी कार्य निर्धारित तरीके से नहीं हो रहे हैं। UP News
स्थानीय ग्रामीण महेंद्र, राजकुमार, सुखदेव तिवारी, सुशील त्रिवेदी और टुन्नी सहित अन्य लोगों ने सड़क की स्थिति पर चिंता जताई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मार्ग की तत्काल जांच कराने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने और अनुरक्षण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के बावजूद पटरियों की स्थिति ठीक नहीं है और कई जगह सड़क खराब हो चुकी है। अब देखना यह है कि विभाग इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और सड़क की मरम्मत कब शुरू होती है। UP News
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