बाराबंकी में आगामी त्योहारों, देवा मेले और धार्मिक आयोजनों को देखते हुए धारा 163 लागू की गई है। प्रशासन ने जुलूस, हथियार और सोशल मीडिया को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में आगामी त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, मेलों, जुलूसों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी/कलेक्टर ईशान प्रताप सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत जिले की संपूर्ण सीमा में निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने, जनसुरक्षा सुनिश्चित करने और आम जनजीवन को सामान्य बनाए रखने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ जुटाने और धार्मिक-सामाजिक आयोजनों के दौरान नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
जिला प्रशासन के अनुसार 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी, 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती और 11 अक्टूबर को महाराजा अग्रसेन जयंती मनाई जाएगी। इसके बाद 19 अक्टूबर को महाष्टमी, 20 अक्टूबर को महानवमी और विजयदशमी, 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती तथा 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती प्रस्तावित है। वहीं 8 नवंबर को दीपावली और 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा के साथ देवा मेला भी आयोजित होना है। इन आयोजनों के दौरान विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की ओर से कार्यक्रम, जुलूस, प्रदर्शन, मार्च और पदयात्राएं निकाले जाने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
निषेधाज्ञा के तहत सार्वजनिक स्थानों और गलियों में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि सरकारी ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारी, परंपरागत जुलूस और मेले इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि परंपरागत धार्मिक जुलूसों के लिए नए मार्ग या नए स्थान का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। किसी भी जुलूस या सार्वजनिक सभा के आयोजन के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा। UP News:
आदेश के तहत किसी व्यक्ति की पूजा, नमाज या अन्य धार्मिक कृत्य में जानबूझकर व्यवधान डालने पर रोक रहेगी। सार्वजनिक स्थानों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने की भी अनुमति नहीं होगी। सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना आग्नेयास्त्र, धारदार हथियार, लाठी या अन्य घातक शस्त्र तथा विस्फोटक सामग्री लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा। हाट-बाजार, भीड़भाड़ वाले स्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर सभा के लिए भी संबंधित स्तर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। हालांकि विवाह समारोह और शवदाह यात्रा के साथ पहले से प्रचलित परंपरागत जुलूसों को निर्धारित नियमों के तहत प्रतिबंध से छूट दी गई है।
जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। धार्मिक, सामाजिक अथवा व्यक्तिगत रूप से आपत्तिजनक, अश्लील संदेश, चित्र, वीडियो या ऑडियो प्रसारित करने पर रोक रहेगी। इसके अलावा फूहड़ या अश्लील गाने बजाने तथा ऐसे गीतों के प्रसारण पर भी प्रतिबंध रहेगा, जिनसे जनसामान्य को भड़काने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो सकती है। जिला प्रशासन ने लोगों से त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान आपसी सौहार्द बनाए रखने तथा निषेधाज्ञा के प्रावधानों का पालन करने की अपील की है। UP News:
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