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UP News: पुलिस को सूचना मिली थी कि किडनैपर्स बच्चे को बेचने जा रहे हैं। पुलिस ने पूरे इलाके की घेऱाबंदी कर दी।

UP News: बरेली में किडनैप किए गए डेढ़ साल के बच्चे को पुलिस सकुशल बचा लिया। आरोपी जब बच्चे को बेचने जा रहे थे तो उनकी पुलिस से मुठभेड़ हुई। गोलीबारी के बीच बच्चा बीच में फंस गया लेकिन एक पुलिसकर्मी ने बहादुरी दिखाते हुए उसे गोद में उठा लिया सुरक्षित स्थान पर ले गए। दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है और दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रमन बरेली में मनौना धाम में काम करते हैं और पत्नी व 3 बच्चों के साथ धाम के पास ही किराए पर रहते हैं। उन्होंने बताया 24 मई की सुबह 10.30 बजे बच्चे मंदिर परिसर के पास खेल रहे थे। कुछ देर बाद दो बच्चे वापस लौट आए, लेकिन डेढ़ वर्षीय छोटा बच्चा नहीं लौटा। काफी तलाशने के बाद भी नहीं लौटा तो आंवला थाने पहुंचकर अपहरण की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच के दौरान इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जिसमें उन्हें 2 कि़डनैपर बच्चे को अगवा कर ले जाते दिखे। बरेली एसपी (साउथ) अंशिका वर्मा ने टीम बनाकर सर्च ऑपरेशन शुरू कराया।
मंगलवार रात हुई मुठभे़ड़
मंगलवार को सूचना मिली कि किडनैपर्स बच्चे को बेचने जा रहे हैं। पुलिस ने पूरे इलाके की घेऱाबंदी कर दी। फुलासी तिराहे के पास देर रात करीब 2 बजे 2 संदिग्ध बाइक से आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया लेकिन वो यूटर्न लेकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो बाइक फिसल गई। बच्चा सड़क के किनारे झाड़ियों में गिर गया। इस बीच आरोपियों ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी गोलीबारी की। दरोगा सोमपाल भागकर बच्चे के पास पहुंचे और उसे गोद में उठाकर दूर ले गया।
आरोपियों ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों की पहचान शाहजहांपुर के योगेश कन्नौजिया (28) और बदायूं के पवन सिंह (25) के रूप में हुई है। आरोपियों की फायरिंग में एक हेड कांस्टेबल कौमिश कुमार भी घायल हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी पवन का कहना है कि उसकी दोस्ती योगेश से हो गई थी। योगेश ने कहा कि तुम मुझे 6 महीने तक के बच्चे चुराकर दिया करो, मैं उन्हें निसंतान दंपत्ति को बेचकर तुम्हें 60 हजार रुपए दूंगा।
योगेश ने बताया कि जब उसने अपहरण किए गए बच्चे की उम्र सरगना को बताया तो वह नाराज हो गया क्योंकि यह बच्चा डेढ़ साल का था और इसे कोई नहीं खरीदेगा इसलिए इसे दूसरे के पास ले जा रहे थे।
पुलिस ने क्या कहा?
एसपी, दक्षिण अंशिका वर्मा ने कहा, “24 मई, 2026 को, आंवला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मनौना गांव से डेढ़ साल के बच्चे के अपहरण के संबंध में जानकारी मिली थी। इसी आधार पर, कानून की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया। जांच को आगे बढ़ाने के लिए, पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने मामले की पड़ताल के लिए CCTV फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी इनपुट का इस्तेमाल किया। पुलिस टीमों को यह खुफिया जानकारी मिली कि दोनों आरोपी बच्चे को बेचने के इरादे से कहीं ले जा रहे थे; जिसके बाद, टीमों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने बच्चे और अपनी मोटरसाइकिल, दोनों को छोड़कर भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी गोलीबारी के दौरान, दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। उनकी पहचान योगेश और पवन के रूप में हुई है। उनके कब्ज़े से दो देसी पिस्तौल और ज़िंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और उसके परिवार से मिला दिया गया है...”
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