आरोप है कि एक कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र ने अपनी ही कक्षा की आठ छात्राओं की सोशल मीडिया से ली गई तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से आपत्तिजनक रूप में एडिट किया और उन्हें फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स के जरिए वायरल कर दिया।

UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र ने अपनी ही कक्षा की आठ छात्राओं की सोशल मीडिया से ली गई तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से आपत्तिजनक रूप में एडिट किया और उन्हें फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स के जरिए वायरल कर दिया। घटना के बाद छात्राओं और उनके परिजनों में दहशत का माहौल है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। UP News
जानकारी के अनुसार, आरोपी छात्र ने छात्राओं के सार्वजनिक इंस्टाग्राम अकाउंट्स से उनकी तस्वीरें डाउनलोड कीं। इसके बाद एआई टूल्स का इस्तेमाल कर तस्वीरों से छेड़छाड़ की गई और उन्हें अश्लील स्वरूप देने का आरोप है। बाद में कई फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर इन तस्वीरों को पोस्ट कर दिया गया। एक ही कॉलेज की कई छात्राओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने से कॉलेज में हड़कंप मच गया। पीड़ित छात्राओं में एक पुलिसकर्मी की बेटी भी शामिल है। उसने पूरे मामले की जानकारी अपनी मां को दी, जिसके बाद शिकायत पुलिस तक पहुंची। इज्जतनगर क्षेत्र निवासी एक पुलिसकर्मी की पत्नी द्वारा साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, घटना 29 जून की है। शिकायत में कहा गया है कि उनकी 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी समेत 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग की आठ छात्राओं की तस्वीरों का दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि सोशल मीडिया से तस्वीरें लेकर उन्हें एआई के माध्यम से आपत्तिजनक बनाया गया और फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर अपलोड कर दिया गया। तस्वीरें वायरल होने के बाद कॉलेज में चर्चा फैल गई। बदनामी की आशंका के चलते अधिकांश छात्राओं ने शुरुआत में अपने परिवारों को इसकी जानकारी नहीं दी। पीड़ित छात्रा ने जब अपने भाई को पूरी घटना बताई तो उसने फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स की जांच शुरू की। पड़ताल के दौरान सामने आया कि तीन अकाउंट एक ही मोबाइल नंबर से जुड़े हुए थे। संबंधित नंबर की जानकारी जुटाने पर पता चला कि वह उसी कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र का है, जो पीड़ित छात्रा का सहपाठी बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान छात्र ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट हैक होने की बात कही। इसके कुछ समय बाद उसने उन फर्जी अकाउंट्स को डिलीट भी कर दिया। UP News
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मामला उजागर होने के बाद आरोपी ने एक और फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया और दो छात्राओं को "सॉरी" लिखकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। हालांकि छात्राओं ने रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं की और सबूत के तौर पर उसका स्क्रीनशॉट सुरक्षित रख लिया। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट संचालित किए। इन्हीं अकाउंट्स के जरिए कथित तौर पर आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए। पीड़ित छात्रा की मां की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में आरोपी छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। UP News
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