बरेली कोर्ट में पेशी के दौरान बंदी सचिन सिंह ठाकुर फरार हो गया। मामले में एसएसपी अनुराग आर्य ने आठ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया। बंदी की तलाश में चार टीमें जुटी हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में न्यायालय में पेशी के दौरान एक बंदी के पुलिस को चकमा देकर फरार होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने पर एसएसपी अनुराग आर्य ने आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन बंदी की तलाश जारी है।
फरार बंदी की पहचान सचिन सिंह ठाकुर के रूप में हुई है। वह बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के बंशीनगला का निवासी बताया गया है। उसे जिला जेल से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) की अदालत में पेशी के लिए लाया गया था। बताया गया है कि 21 अक्टूबर को दोपहर करीब 1:45 बजे जब बंदियों को पेशी के लिए ले जाया जा रहा था, उसी दौरान सचिन पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। घटना के समय पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी, जिसके चलते बंदी के फरार होने का मामला तत्काल सामने नहीं आया।
इस घटना का खुलासा 22 अक्टूबर को हुआ। न्यायालय चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सरोज कुमार ने हवालात का निरीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि पेशी के लिए कुल छह बंदियों को भेजा गया था, लेकिन वापस केवल पांच बंदी ही पहुंचे थे। इसके बाद मामले की पड़ताल की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। फुटेज से सचिन सिंह ठाकुर के फरार होने की पुष्टि हुई। इस घटनाक्रम ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में एक और गंभीर लापरवाही सामने आई। पुलिस की जनरल डायरी (जीडी) में सभी छह बंदियों की वापसी दर्ज कर दी गई थी, जबकि सचिन वापस नहीं लौटा था। इस तथ्य के सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच शुरू हुई।
बंदी के फरार होने और ड्यूटी में लापरवाही के मामले में पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, न्यायालय चौकी प्रभारी की शिकायत पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार बंदी सचिन सिंह ठाकुर और आठ पुलिसकर्मियों समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब घटना के दौरान हुई चूक और बंदी के फरार होने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
फरार बंदी को पकड़ने के लिए पुलिस ने चार विशेष टीमें लगाई हैं। इनमें सर्विलांस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), कोतवाली और सुभाषनगर थाने की टीमें शामिल हैं। ये टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और बंदी का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं। सीओ सिटी आशुतोष शिवम के मुताबिक, पुलिस की टीमें फरार बंदी की तलाश में जुटी हुई हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और गिरफ्तारी के आधार पर की जाएगी।
न्यायालय में पेशी के दौरान बंदी का फरार होना और अगले दिन तक इसकी जानकारी सामने नहीं आना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं, जनरल डायरी में सभी बंदियों की वापसी दर्ज होने की बात ने मामले को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल पुलिस फरार बंदी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। इस घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में आठ पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद अब सभी की निगाहें बंदी की गिरफ्तारी और जांच के नतीजों पर टिकी हैं।
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