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बरेली में सामने आया नीतू गंगवार हत्याकांड पूरे जिले को हिला देने वाला मामला बन गया डीईएलईडी की छात्रा नीतू गंगवार की हत्या के मामले में जो खुलासे हो रहे हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं।

UP News : बरेली में सामने आया नीतू गंगवार हत्याकांड पूरे जिले को हिला देने वाला मामला बन गया डीईएलईडी की छात्रा नीतू गंगवार की हत्या के मामले में जो खुलासे हो रहे हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस वारदात को अंजाम किसी अचानक गुस्से में नहीं, बल्कि पूरी योजना और रिहर्सल के साथ दिया गया था। आरोपी कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि नीतू के पिता के स्कूल में पढ़ाने वाला शिक्षक अशोक था। UP News
जानकारी के अनुसार, नीतू और आरोपी शिक्षक अशोक के बीच लगभग छह साल पुरानी जान-पहचान थी। अशोक नीतू के पिता के स्कूल में पढ़ाता था, इसी वजह से उसका घर में भी आना-जाना था। परिवार उसे भरोसे के व्यक्ति के रूप में जानता था। शुरुआत में यह रिश्ता सामान्य दोस्ती जैसा था, लेकिन समय के साथ अशोक नीतू को लेकर अत्यधिक संदेह और भावनात्मक निर्भरता में फंसता चला गया। पुलिस के अनुसार, नीतू की तरफ से दूरी बनाए जाने और कम बातचीत करने से आरोपी के मन में शक गहराता गया, जो बाद में जुनून और गुस्से में बदल गया। UP News
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने नीतू का मोबाइल चेक किया था, जिसमें उसे कुछ अन्य लोगों से बातचीत की चैट मिली। इसी के बाद उसके व्यवहार में तेजी से बदलाव आया और उसने नीतू को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। पुलिस का कहना है कि यही वह मानसिक मोड़ था, जहां से आरोपी ने हत्या की योजना बनानी शुरू कर दी थी। UP News
इस केस का सबसे भयावह पहलू यह सामने आया है कि आरोपी अशोक ने हत्या से पहले दो बार अभ्यास (रिहर्सल) किया था। उसने अकेले कमरे में तकिये और कपड़ों की मदद से यह समझने की कोशिश की कि किसी का गला दबाने में कितना समय लगता है और व्यक्ति कितनी देर में बेहोश हो सकता है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी मानसिक रूप से पूरी तरह अस्थिर हो चुका था और उसने वारदात को अंजाम देने की तैयारी पहले से कर रखी थी। UP News
घटना वाले दिन अशोक नीतू को फरीदपुर स्थित परीक्षा केंद्र से बाइक पर घर छोड़ने के लिए निकला था। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत चल रही थी, लेकिन कुछ ही देर में मोबाइल चैट और बातचीत को लेकर विवाद शुरू हो गया। रास्ते में सीबीगंज क्षेत्र के पास आरोपी उसे खेत में ले गया, जहां उसने नीतू का दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी। नीतू ने खुद को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आरोपी ने पकड़ नहीं छोड़ी। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। UP News
घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती पहचान में 12 घंटे का समय लगा, जिसके बाद नीतू के परिवार से जानकारी मिलने पर पहचान सुनिश्चित हुई। पुलिस सर्विलांस की मदद से आरोपी की तलाश में जुटी थी और अगले ही दिन मुठभेड़ के दौरान उसे पकड़ लिया गया। मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। नीतू की हत्या के बाद परिवार गहरे सदमे में है। पिता ने बताया कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि स्कूल में पढ़ाने वाला शिक्षक इस हद तक जा सकता है। परिवार ने आरोपी के लिए सख्त से सख्त सजा, यहां तक कि फांसी की मांग की है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर गुस्सा और डर का माहौल है। लोग इसे भरोसे और रिश्तों के टूटने की बेहद दर्दनाक मिसाल मान रहे हैं। यह मामला केवल एक हत्या नहीं, बल्कि भरोसे, मानसिक अस्थिरता और सिस्टम की निगरानी पर भी सवाल खड़ा करता है। एक शिक्षक द्वारा इस तरह की वारदात ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और सुरक्षा तथा मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर बहस छेड़ दी है। UP News
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