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उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में गोवंश के अवशेष मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बरेली जिले के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के फरीदापुर चौधरी इलाके में स्थित एक नाले से लगातार दूसरे दिन गोवंश के अवशेष मिलने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में हलचल मच गई हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में गोवंश के अवशेष मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बरेली जिले के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के फरीदापुर चौधरी इलाके में स्थित एक नाले से लगातार दूसरे दिन गोवंश के अवशेष मिलने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में हलचल मच गई हैं। मामले को गंभीर मानते हुए बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने सख्त रुख अपनाया और दो चौकी इंचार्ज समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली में सामने आए इस मामले ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एसएसपी ने इज्जतनगर थाने को निर्देश दिए हैं कि गोतस्करी या गोकशी से जुड़े तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।
उत्तर प्रदेश के बरेली में यह मामला शनिवार को सामने आया था, जब फरीदापुर चौधरी के पास नाले में गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने की सूचना पुलिस तक पहुंची। बताया गया कि यह इलाका रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ के अधिकार क्षेत्र से भी जुड़ा हुआ है। सूचना के बाद पुलिस अधिकारियों ने बैरियर वन चौकी इंचार्ज उमेश कुमार राय और कर्मचारीनगर चौकी इंचार्ज अमित कुमार को तत्काल नाले की सफाई कराने, मिले अवशेषों को दफनाने और गोतस्करों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। लेकिन आरोप है कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने इस पूरे मामले को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया। न तो नाले की पूरी तरह सफाई कराई गई और न ही अवशेषों के निस्तारण का काम संतोषजनक ढंग से किया गया। इतना ही नहीं, गोकशी या तस्करी से जुड़े आरोपियों तक पहुंचने में भी कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी।
मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब रविवार को उसी नाले में कुछ दूरी पर फिर से पुराने अवशेष दिखाई दिए। इसकी जानकारी मिलते ही बजरंग दल गोरक्षा प्रकोष्ठ से जुड़े कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। इनमें आशीष शर्मा, निखिल गंगवार, गौतम कश्यप और मिंटू सिंह समेत कई लोग शामिल थे। सूचना मिलते ही इज्जतनगर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और कार्रवाई का भरोसा दिलाया, लेकिन स्थानीय लोगों और गोरक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई।
उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को मिले अवशेषों के बाद चौकी प्रभारियों को साफ निर्देश दिए गए थे कि नाले की सफाई कराकर सभी अवशेषों को दफनाया जाए। लेकिन आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ। इसके बाद रविवार को जब फिर अवशेष दिखाई दिए, तो मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई। सीओ पंकज श्रीवास्तव की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी अनुराग आर्य ने बैरियर वन चौकी इंचार्ज उमेश कुमार राय, कर्मचारीनगर चौकी इंचार्ज अमित कुमार, हेड कांस्टेबल मो. सलीम, पप्पूराम, मनोज कुमार, सर्वेश कुमार और कांस्टेबल अरुण कुमार को निलंबित कर दिया। पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई के साथ यह संदेश देने की कोशिश की है कि उत्तर प्रदेश में संवेदनशील मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना की सूचना पर एसपी सिटी मानुष पारीक और सीओ पंकज श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे। चूंकि नाला रेलवे की जमीन से गुजरता है, इसलिए आरपीएफ के कमांडेंट और इंस्पेक्टर भी वहां पहुंचे। बाद में जेसीबी मशीन की मदद से अवशेषों को निकलवाकर दफन कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शनिवार को ही यदि पूरे क्षेत्र की गंभीरता से जांच और सफाई कराई जाती, तो स्थिति दोबारा नहीं बनती। इस पूरे मामले पर एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा है कि कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए इज्जतनगर पुलिस की दो टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि उत्तर प्रदेश के बरेली में गोवंश से जुड़े मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। UP News
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