उत्तर प्रदेश के बरेली से आपातकालीन सेवा UP 112 की PRV को लेकर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाही थाना क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों पर सरकारी वाहन से डीजल निकालकर उसे बेचने और उसकी रकम वसूलने के आरोप लगे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली से आपातकालीन सेवा UP 112 की PRV को लेकर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाही थाना क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों पर सरकारी वाहन से डीजल निकालकर उसे बेचने और उसकी रकम वसूलने के आरोप लगे हैं। मामले से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई की है। शाही थाना प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी अनुराग आर्य ने हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार और कांस्टेबल मोंटी कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। UP News
यह मामला शाही क्षेत्र की दुनका चौकी से जुड़ी 112 सेवा की PRV का बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सरकारी वाहन से डीजल निकाला जाता था और उसे पेट्रोल पंप के माध्यम से बेचने के बाद रकम ली जाती थी। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और तस्वीरों में PRV वाहन से डीजल निकालने तथा पेट्रोल पंप पर लेन-देन से संबंधित दृश्य दिखाई देने का दावा किया गया है। इन साक्ष्यों के सामने आने के बाद मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। UP News
मामले में शाही थाना प्रभारी की रिपोर्ट मिलने के बाद SSP अनुराग आर्य ने हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार और कांस्टेबल मोंटी कुमार को निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने दोनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के स्तर पर अब यह जांच की जा रही है कि सरकारी PRV वाहन से डीजल निकाले जाने और उसे बेचने के लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच के दौरान वायरल वीडियो और तस्वीरों के अलावा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी देखा जाएगा। UP News
मामले में होमगार्ड मुकेश शर्मा का नाम भी सामने आया है। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित होमगार्ड कमांडेंट को पत्र भेजा गया है। यानी अभी कार्रवाई केवल दो पुलिसकर्मियों के निलंबन तक सीमित है, जबकि अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। UP News
पुलिस विभाग की ओर से शुरू की गई विभागीय जांच में सरकारी वाहन के डीजल से संबंधित पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर डीजल निकालने और बेचने के आरोपों की जांच चल रही है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। UP News
सरकारी आपातकालीन सेवा के वाहन के ईंधन को लेकर सामने आए आरोपों के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर यह जांच का विषय है कि PRV के डीजल की खपत, वाहन के संचालन और ईंधन से संबंधित रिकॉर्ड में क्या स्थिति सामने आती है। अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि वायरल सामग्री में दिखाई देने वाली गतिविधियों और सरकारी वाहन के ईंधन के बीच वास्तविक संबंध क्या था। फिलहाल दो पुलिसकर्मी निलंबित हैं, होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है और मामले की विभागीय जांच जारी है। UP News
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