विज्ञापन
UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति को जानने वालों का दावा है कि 30 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की विधानसभा में घमासान होना तय है। विशेष सत्र के दौरान विधानसभा में सरकारी पक्ष तथा विपक्ष के बीच में सीधा टकराव होगा।

UP News : उत्तर प्रदेश के लिए 30 अप्रैल 2026 का दिन बेहद खास होने वाला है। 30 अप्रैल को उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश की विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। विधानसभा के इस विशेष सत्र में जोरदार घमासान होने की पूरी पटकथा तैयार हो गई है। उत्तर प्रदेश की विधानसभा के विशेष सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्षी दलों के लिए निंदा प्रस्ताव रखेगी। इस निंदा प्रस्ताव के विरोध में विपक्ष ने अति निंदा प्रस्ताव लाने की घोषणा कर दी है।
उत्तर प्रदेश की विधानसभा में सिरकार तथा विपक्ष का सीधा टकराव
उत्तर प्रदेश की राजनीति को जानने वालों का दावा है कि 30 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की विधानसभा में घमासान होना तय है। विशेष सत्र के दौरान विधानसभा में सरकारी पक्ष तथा विपक्ष के बीच में सीधा टकराव होगा। दरअसल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश सरकार विधानसभा में निंदा प्रस्ताव लाने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। बुधवार 29 अप्रैल 2026 को विपक्ष के नेता तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने निंदा प्रस्ताव के मुकाबले अति निंदा प्रस्ताव का ऐलान कर दिया है।
निंदा प्रस्ताव पर क्या बोले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को पत्रकारों के साथ लम्बी वार्ता की। इस दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा के निंदा प्रस्ताव की काट में अपने अति निंदा प्रस्ताव की जानकारी भी पत्रकारों के साथ साझा की। इस अति निंदा प्रस्ताव के लिए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया X पर एक बड़ा पोस्ट भी लिखा है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि हम इस ‘अति निंदा प्रस्ताव’ द्वारा केंद्र की भाजपा व उनकी सहयोगी दलों की घोर निंदा करते हैं जो महिला आरक्षण का ढोंग करती हैं। जिनका मंसूबा इस बिल के बहाने निर्वाचन क्षेत्रों का मनचाहा परिसीमन करके चुनाव जीतना था, न कि सच में महिलाओं को उनके हक-अधिकार देकर उनका सशक्तीकरण या सबलीकरण करना। हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर झूठ फैला रही है कि ये बिल विपक्ष ने पास नहीं होने दिया, जबकि ये बिल सभी दलों ने मिलकर पास किया था और जो बिल पास नहीं हो सका वो दरअसल परिसीमन बिल था। UP News
उठाया पिछड़ी तथा अल्पसंख्यक महिलाओं का मुद्दा
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा ने महिला आरक्षण में पिछड़ी व अल्पसंख्यक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया है। हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी ‘जिसकी शक्ति, उसके अधिकार’ की रूढ़िवादी सोच के लोग हैं, इसीलिए सामाजिक क्षेत्र तक में ये शोषित, दमित, वंचित, पीडि़त के साथ-साथ महिलाओं को भी हमेशा हेय दृष्टि से देखते हैं। हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपाइयों की पुरुषवादी सामंती सोच आज भी नारी को मान, सम्मान या अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं देना चाहती है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपाइयों की यही पुरुषवादी घिसीपिटी पुरानी सोच ‘आधी आबादी’ अर्थात महिलाओं का मान नहीं करती है बल्कि बालिका, युवती या नारी के रूप में, जब भी वो कुछ कहना-करना चाहती हैं, तो भाजपाई और उनके संगी-साथी सदैव वो मौका ढूंढते हैं, जब वो स्त्रियों का पारिवारिक, सामाजिक, सार्वजनिक अपमान कर सकें और उनके चरित्र तक पर कीचड़ उछालकर उनका मानसिक उत्पीडऩ करके, नारी के विरोध करने की शक्ति के मनोबल को तोड़ सकें. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपाइयों ने सदैव नारी के प्रति अपराध करने वालों को माला पहनाकर स्वागत किया है. इनके दल के अनेक लोग महिलाओं के चतुर्दिक शोषण व अत्याचार से जुड़े है जिसके निंदनीय उदाहरण मणिपुर, गुजरात, उत्तराखण्ड, मप्र, यूपी आदि राज्यों में सर्वविदित हैं।
विधवा के अपमान का आरोप
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि ‘नारी वंदन’ का ढोंग रचनेवाली भाजपाई सोच वस्तुत: नारी विरोधी है. वो कभी पहलगाम की विधवा का अपमान करते हैं, कभी हाथरस, गाजीपुर की बेटी का या कभी कानपुर की किसी नवविवाहिता का. ये भाजपाई नारी ‘वंदन’ की जगह उनके ‘क्रंदन’ का कारण बन रहे हैं. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा उस वातावरण को बनने नहीं देना चाहती, जहाँ नारी-पुरुष की समानता व समकक्षता की बात हो. हमारे देश में भगवानों के नाम में स्त्री-पुरुष के साथ-साथ नाम लेने की स्वस्थ परंपरा को भी इन्होंने तोड़ा है। उन्होंने आगे लिखा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा नारी के विरुध्द नारी को खड़ा करके, नारी एकता को तोड़ रही है. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा चुनाव के समय नारी को प्रतिनिधित्व करने का सबसे कम अवसर देती है. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी अपने संगठनों में नारी को कभी भी उचित मान-सम्मान-स्थान नहीं देते हैं. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी नारी के लिए कार्य-स्थलों में जानबूझकर नकारात्मक माहौल बनाए रखना चाहते हैं, जिससे वो घरों की दहलीज़ से बाहर न आ सकें।
‘नारी को नारा’ बना रही है भाजपा
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिखा है कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी व उनके कुछ प्रवचनजीवी तथाकथित ज्ञानी लोग मंचों से नारी की स्वतंत्रता के हनन की बात करते हैं और केवल नारी के विचार-विचरण-परिधान पर नसीहतें देते है. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी अधिक बच्चों को जन्म देने की बात करके नारी के विरुद्ध षड्यंत्र रचते हैं क्योंकि इससे नारी शारीरिक रूप से कमजोर होती है और घर की चहारदीवारी तक सीमित हो जाती है. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा ‘नारी को नारा’ बनाना चाहती है, जिससे सच में उन्हें अधिकार न देकर केवल दिखावटी सहानुभूति का नाटक रचा जा सके। UP News
विज्ञापन