आईएएस भानु चंद्र गोस्वामी का जीवन परिचय, शिक्षा, यूपीएससी में 33वीं रैंक, प्रशासनिक करियर और मेरठ मंडल के कमिश्नर के रूप में उनकी वर्तमान जिम्मेदारी के बारे में जानिए।

उत्तर प्रदेश में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का विशेष महत्त्व है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण मंडल है मेरठ मंडल। मेरठ मंडल में उत्तर प्रदेश सरकार हमेशा तेज़ तर्रार एवं ईमानदार अधिकारियों को ही नियुक्त करने के लिए प्राथमिकता देती है। उत्तर प्रदेश के ऐसे ही तेज़ तर्रार तथा ईमानदार अधिकारी इन दिनों मेरठ मंडल के कमिश्नर के पद पर तैनात हैं। यहां विस्तार से जानते हैं उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण मेरठ मंडल में तैनात कमिश्नर के बारे में।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मेरठ मंडल के कमिश्नर के पद पर प्रदेश के तेज तर्रार तथा ईमानदार अधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी तैनात हैं। भानु चंद्र गोस्वामी 2009 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस अधिकारी हैं। वह उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं और संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के जरिए सीधे आईएएस (IAS) बने। 21 सितंबर 2026 से भानु चंद्र गोस्वामी मेरठ मंडल के कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। जिलाधिकारी से लेकर शासन में विशेष सचिव और महत्वपूर्ण प्राधिकरण में मुख्य कार्यपालक अधिकारी तक उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया है।
भानु चंद्र गोस्वामी का जन्म 20 अगस्त 1984 को झारखंड के रांची में हुआ था। उनका बचपन ऐसे परिवार में बीता, जहां सरकारी सेवा का अनुभव पहले से मौजूद था। उनके पिता हरिश्चंद्र गोस्वामी बिहार और झारखंड सरकार में श्रम अधीक्षक के पद पर रहे। उनके दादा नवल गोस्वामी रांची के हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन यानी एचईसी में तैनात थे। परिवार में सरकारी सेवा का माहौल होने के बावजूद भानु चंद्र गोस्वामी ने अपनी अलग पहचान बनाने के लिए शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं का रास्ता चुना। आगे चलकर यही मेहनत उन्हें देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवाओं में से एक तक ले गई।
भानु चंद्र गोस्वामी ने हजारीबाग के सेंट कोलंबस कॉलेज से संस्कृत ऑनर्स में स्नातक की पढ़ाई की। उन्होंने प्रथम श्रेणी से अपनी पढ़ाई पूरी की। संस्कृत जैसे विषय से स्नातक करने के बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर लगा दिया। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रयागराज चले गए। करीब एक साल तक उन्होंने प्रयागराज में रहकर तैयारी की। इसके बाद बेहतर तैयारी के लिए उन्होंने दिल्ली का रुख किया।
प्रयागराज में तैयारी के बाद दिल्ली पहुंचकर भानु चंद्र गोस्वामी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी को और मजबूत किया। लगातार मेहनत और तैयारी के बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्हें ऑल इंडिया 33वीं रैंक मिली। इस सफलता ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। इसके बाद 2009 बैच के आईएएस अधिकारी के रूप में उनका प्रशासनिक सफर शुरू हुआ और उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला।
आईएएस बनने के बाद भानु चंद्र गोस्वामी ने उत्तर प्रदेश में अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालते हुए अपने करियर को आगे बढ़ाया। करीब 17 साल की सेवा में उन्होंने 19 अलग-अलग पोस्टिंग में काम किया और 12 स्थानों पर अपनी सेवाएं दीं। उनके करियर में जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों तक काम करने का अनुभव शामिल है। यही वजह है कि समय के साथ उन्हें प्रदेश में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती गईं।
भानु चंद्र गोस्वामी के प्रशासनिक सफर में प्रयागराज का भी खास स्थान रहा है। फरवरी 2019 में उन्होंने प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद जून 2019 से जून 2021 तक उन्होंने प्रयागराज के जिलाधिकारी एवं कलेक्टर के रूप में काम किया। जिला प्रशासन में काम करते हुए उन्हें जमीनी स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने का व्यापक अनुभव मिला। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली।
जून 2021 में भानु चंद्र गोस्वामी को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया। उन्होंने सितंबर 2023 तक इस जिम्मेदारी को संभाला। इसके बाद सितंबर 2023 में उन्हें आगरा का जिलाधिकारी एवं कलेक्टर बनाया गया। आगरा जैसे महत्वपूर्ण जिले में उन्होंने करीब एक साल तक जिलाधिकारी की जिम्मेदारी निभाई और सितंबर 2024 तक इस पद पर रहे।
आगरा से स्थानांतरण के बाद भानु चंद्र गोस्वामी को उत्तर प्रदेश सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। सितंबर 2024 से अक्टूबर 2025 तक उन्होंने लखनऊ में राजस्व विभाग के विशेष सचिव के रूप में काम किया। इस दौरान उनके पास राहत आयुक्त और चकबंदी आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी रहा। शासन में काम करने के दौरान उन्हें प्रदेश स्तर पर प्रशासनिक और विभागीय जिम्मेदारियों को संभालने का अनुभव मिला।
अक्टूबर 2025 के बाद IAS भानु चन्द्र गोस्वामी प्रशासनिक सफर ने एक और महत्वपूर्ण मोड़ लिया और अब वह मेरठ मंडल के मंडलायुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 21 सितंबर 2026 से वह इस पद पर तैनात हैं। मेरठ मंडल पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक मंडल है। ऐसे में मंडलायुक्त के तौर पर भानु चंद्र गोस्वामी के सामने मंडल की प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी है।
भानु चंद्र गोस्वामी की कहानी संस्कृत से स्नातक करने वाले एक विद्यार्थी से शुरू होकर आईएएस अधिकारी और अब मेरठ मंडल के कमिश्नर तक पहुंचती है। रांची में जन्मे भानु चंद्र गोस्वामी ने हजारीबाग में पढ़ाई की, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रयागराज पहुंचे और फिर दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी की। यूपीएससी में ऑल इंडिया 33वीं रैंक हासिल करने के बाद उन्होंने 2009 बैच के आईएएस अधिकारी के रूप में प्रशासनिक सेवा में कदम रखा। इसके बाद प्रयागराज, लखनऊ और आगरा समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से गुजरते हुए उनका प्रशासनिक अनुभव लगातार बढ़ता गया। आज करीब 17 वर्ष की प्रशासनिक सेवा के बाद भानु चंद्र गोस्वामी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण मेरठ मंडल के कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। संस्कृत की पढ़ाई से शुरू हुआ उनका सफर यूपीएससी की शानदार सफलता और लंबे प्रशासनिक अनुभव से होते हुए मेरठ मंडल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंच चुका है।
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