भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने केंद्र सरकार के सामने ऐसी मांग रख दी है, जिसने उत्तर प्रदेश की सियासत के साथ-साथ किसान राजनीति में भी चर्चा तेज कर दी है।

UP News : भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने केंद्र सरकार के सामने ऐसी मांग रख दी है, जिसने उत्तर प्रदेश की सियासत के साथ-साथ किसान राजनीति में भी चर्चा तेज कर दी है। नरेश टिकैत ने मांग की है कि राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी को भारत सरकार में केंद्रीय कृषि मंत्री बनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने पर जयंत चौधरी किसानों की समस्याओं को बेहतर तरीके से सरकार के सामने रखकर उनके समाधान की दिशा में काम कर सकते हैं। UP News
भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने यह बात बागपत के बड़ौत में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। वह देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह का हाल जानने उनके आवास पर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए जयंत चौधरी को केंद्रीय कृषि मंत्री बनाए जाने की मांग रखी। नरेश टिकैत की यह मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत से जुड़े रालोद और टिकैत परिवार का पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसान राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है। ऐसे में किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से केंद्र सरकार के सामने जयंत चौधरी के लिए इतने बड़े पद की मांग किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। UP News
नरेश टिकैत ने जयंत चौधरी को कृषि मंत्रालय दिए जाने की मांग के पीछे किसानों की समस्याओं को प्रमुख आधार बनाया। उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़े मुद्दों और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जयंत चौधरी को केंद्रीय कृषि मंत्री बनाया जाना चाहिए। यह मांग ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान संगठनों की ओर से फसल के लाभकारी मूल्य, गन्ने के दाम और किसानों की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दे लगातार उठाए जा रहे हैं। UP News
जयंत चौधरी को कृषि मंत्री बनाए जाने की मांग के साथ नरेश टिकैत ने बागपत में पुराने वाहनों पर परिवहन विभाग की कार्रवाई का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में गरीब किसान और मजदूर एक से डेढ़ लाख रुपये खर्च करके नई बाइक खरीदने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे लोग पुरानी बाइक के सहारे अपना काम चला रहे हैं। उनके मुताबिक बागपत में पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर हो रही कार्रवाई का असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। UP News
बागपत में पुराने वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग की कार्रवाई पिछले दिनों से लगातार चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सितंबर में 400 से अधिक वाहनों पर कार्रवाई की बात सामने आई है। इस कार्रवाई के खिलाफ भाकियू समेत कई किसान संगठनों ने एआरटीओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन भी किया था। किसान नेताओं ने चेतावनी दी थी कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। UP News
नरेश टिकैत का तर्क है कि केवल पुराने वाहन को जब्त कर लेने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि सरकार को गरीब किसान और मजदूरों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। इससे पहले भी उन्होंने सुझाव दिया था कि सरकार पुराने वाहनों को उचित कीमत पर खरीदे और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नए वाहन आसान किस्तों अथवा सहायता के साथ उपलब्ध कराए जाएं। UP News
जयंत चौधरी वर्तमान में केंद्र की राजनीति में सक्रिय हैं और रालोद के अध्यक्ष हैं। ऐसे में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत द्वारा उन्हें केंद्रीय कृषि मंत्री बनाए जाने की सार्वजनिक मांग करना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से चर्चा का विषय बन गया है। नरेश टिकैत की यह मांग किसी सरकारी निर्णय की घोषणा नहीं है, बल्कि किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा सरकार के सामने रखी गई मांग है। अब इस मांग पर केंद्र सरकार या जयंत चौधरी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी। UP News
नरेश टिकैत पिछले दिनों लगातार किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। पुराने वाहनों की जब्ती के अलावा उन्होंने गन्ने के मूल्य, किसानों को राहत और वाहन खरीदने में आर्थिक सहायता जैसे मुद्दे भी उठाए हैं। ऐसे में जयंत चौधरी को कृषि मंत्री बनाने की उनकी मांग को भी किसान समस्याओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि यह मांग अभी राजनीतिक मांग के स्तर पर है और केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई निर्णय घोषित नहीं हुआ है। UP News
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