Ram Mandir Offering Controversy: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है।

Ram Mandir Offering Controversy: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को इस्तीफा सौंपा।
न्यूज एजेंसी एएनआई ने दोनों के मुताबिक चंपत राय ने नैतिक आधार पर इस्तीफ़ा दिया; ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफ़ा दिया।

इससे पहले गुरुवार देर शाम इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज हुई थी। हालांकि, एफआईआर में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं। इसके बाद से ही यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि अब इस ट्रस्ट के बड़े नामों का इस्तीफा हो सकता है।
चंपत राय राय सबसे प्रमुख पदाधिकारी
फरवरी 2020 में अध्योया मामले में सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले के बाद सर्वोच्च न्यायालय निर्णय के मुताबिक केंद्र सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय इसकी रोज़मर्रा की कार्यप्रणाली के सबसे प्रमुख पदाधिकारियों में गिने जाते थे। मंदिर निर्माण परियोजना की निगरानी, दान और चढ़ावे से जुड़े प्रबंधन, ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक संवाद, बैठकों के समन्वय और विभिन्न एजेंसियों के साथ तालमेल की ज़िम्मेदारी मुख्य रूप से उन्हीं के पास थी। यही वजह है कि जब राम मंदिर चढ़ावे को लेकर विवाद उठा तो वो विवादों के केंद्र में आ गए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले से आने वाले चंपत राय का परिवार आरएसएस से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके पिता संघ से जुड़े हुए थे। चंपत राय ने भी कम उम्र में संघ की शाखाओं में जाना शुरू किया। आगे चलकर वह राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े।
आठो आरोपी गिरफ्तार
इससे पहले गुरुवार को राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद सभी नामजद आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से 23 जून को सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में कठोर कार्रवाई की सिफारिश की गई है, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
सीएम योगी बोले हमने कहा कार्रवाई होगी
राम मंदिर चंदा मामले में गिरफ़्तारियों के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित हेराफेरी के आरोपियों के खिलाफ एसआईटी की रिपोर्ट सौंपे जाने के तुरंत बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने वालों को चेतावनी दोहराई।
मुख्यमंत्री ने कहा, "अयोध्या हम सभी की और सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक है। अयोध्या पर बुरी नज़र न डालें। भगवान राम की गरिमा बनाए रखना सीखें। हमने कहा था कि एक SIT बनाई गई है और उसकी रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी।"
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