संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करना लाखों युवाओं का सपना है, लेकिन महंगी कोचिंग फीस के कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह सपना कई बार मुश्किल हो जाता है।

UP News : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करना लाखों युवाओं का सपना है, लेकिन महंगी कोचिंग फीस के कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह सपना कई बार मुश्किल हो जाता है। ऐसे अभ्यर्थियों के लिए उत्तर प्रदेश में सरकार और विश्वविद्यालयों की ओर से कई स्तरों पर मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था उपलब्ध है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रदेश के कई विद्यार्थी इन योजनाओं की जानकारी नहीं होने के कारण इनका लाभ नहीं उठा पाते। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अलावा प्रयागराज स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय, वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में भी केंद्र सरकार की डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (DACE) व्यवस्था के तहत सिविल सेवा परीक्षा की मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराई जाती है।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना शुरू की थी। योजना की शुरुआत 16 फरवरी 2021 को हुई थी। इसके तहत सिविल सेवा और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑफलाइन तथा ऑनलाइन माध्यम से निःशुल्क मार्गदर्शन और कोचिंग की व्यवस्था की गई है।
योजना के तहत UPSC और UPPSC की प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा तथा इंटरव्यू की तैयारी के साथ-साथ JEE, NEET, NDA और CDS जैसी परीक्षाओं के लिए भी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। योजना के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार 2026-27 का नया सत्र 1 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है।
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मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की खासियत यह है कि विद्यार्थियों को केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रखा जाता। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक योजना में-
जैसी सुविधाएं शामिल हैं। आधिकारिक पोर्टल पर 500 से अधिक IAS, 450 से अधिक IPS और 300 से अधिक IFS अधिकारियों तथा अन्य विशेषज्ञों के शैक्षणिक योगदान का भी उल्लेख है।
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मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत मंडल मुख्यालयों के साथ जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जाने की व्यवस्था है। आधिकारिक पोर्टल पर विभिन्न जिलों के कोर्स कोऑर्डिनेटरों और संपर्क संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इसका मकसद यह है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को बड़े शहरों की महंगी निजी कोचिंग पर निर्भर न रहना पड़े।
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प्रयागराज स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय में डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (DACE) के माध्यम से सिविल सेवा परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यहां UPSC और UPPSC सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग दी जाती है। पाठ्यक्रम की अवधि एक वर्ष और निर्धारित सीटों की संख्या 100 बताई गई है। यह योजना विशेष रूप से SC और OBC विद्यार्थियों के लिए है। विश्वविद्यालय के उपलब्ध दिशानिर्देशों के अनुसार पात्रता में पारिवारिक आय सीमा समेत अन्य शर्तें भी लागू होती हैं और विद्यार्थियों का चयन Common Entrance Test यानी CET के माध्यम से किया जाता है। विश्वविद्यालय की DACE व्यवस्था में लाइब्रेरी और इंटरनेट जैसी सुविधाओं का लाभ भी चयनित विद्यार्थियों को मिलता है।
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वाराणसी का काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) भी डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराता है। BHU की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार DACE का उद्देश्य SC और OBC विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराना है। BHU ने जनवरी 2026 में भी SC और OBC विद्यार्थियों के लिए मुफ्त सिविल सेवा परीक्षा कोचिंग के आवेदन से संबंधित सूचना प्रकाशित की थी। यानी वाराणसी और आसपास के ऐसे विद्यार्थी जो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं, उन्हें विश्वविद्यालय की DACE व्यवस्था और समय-समय पर जारी होने वाले प्रवेश नोटिस पर नजर रखनी चाहिए।
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लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में भी डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (DACE) संचालित है।
विश्वविद्यालय के अनुसार DACE के माध्यम से UPSC की सिविल सेवा परीक्षा के लिए SC और OBC विद्यार्थियों को विशेष मुफ्त कोचिंग दी जाती है। चयनित विद्यार्थियों के लिए कोचिंग, लाइब्रेरी, रीडिंग रूम, इंटरनेट और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। BBAU की जानकारी के अनुसार DACE में 100 विद्यार्थियों के लिए सीटें स्वीकृत हैं। चयन Common Entrance Test के माध्यम से किया जाता है। योजना के नियमों के अनुसार सीटों में SC और OBC वर्ग के लिए निर्धारित अनुपात और महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण का प्रावधान भी है। चयनित विद्यार्थियों को योजना के तहत प्रति माह 4,000 रुपये तक स्टाइपेंड और मुख्य परीक्षा में सफल होकर इंटरव्यू स्तर तक पहुंचने वाले पात्र विद्यार्थियों को 15,000 रुपये तक प्रोत्साहन राशि का प्रावधान भी है। BBAU ने 2026 में भी DACE के तहत मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग के लिए प्रवेश संबंधी सूची जारी की है।
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विद्यार्थियों के लिए यह अंतर समझना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की व्यापक योजना है। इसके तहत UPSC, UPPSC, JEE, NEET, NDA और CDS जैसी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था है। वहीं डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (DACE) केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत संचालित व्यवस्था है, जिसमें निर्धारित पात्रता के अनुसार मुख्य रूप से SC और OBC विद्यार्थियों को सिविल सेवा सहित संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग दी जाती है। इसलिए हर विद्यार्थी को आवेदन करने से पहले संबंधित योजना की जाति, आय, शैक्षिक योग्यता, आयु और अन्य पात्रता शर्तें जरूर देखनी चाहिए।
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मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के आधिकारिक विवरण के अनुसार IAS और PCS की तैयारी के लिए सामान्यतः स्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थी अथवा स्नातक उत्तीर्ण विद्यार्थी पात्र होते हैं। JEE और NEET के लिए अलग शैक्षिक पात्रता निर्धारित है। NDA और CDS के लिए संबंधित परीक्षा की शैक्षिक योग्यता लागू होती है। योजना का उद्देश्य खास तौर पर ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर देना है जो आर्थिक या संसाधनों की कमी के कारण निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते।
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मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के आधिकारिक पोर्टल पर 2026-27 सत्र के लिए सिविल सेवा, JEE, NEET तथा NDA/CDS की समय-सारिणी और लेक्चर प्लान उपलब्ध कराया गया है। नया सत्र 1 जुलाई 2026 से शुरू होने की जानकारी पोर्टल पर दी गई है। 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी बजट/विधानसभा संबोधन संबंधी दस्तावेज में भी मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थियों का उल्लेख किया गया है। इसमें UPPSC में 59, UPPCS में 136 और NEET/IIT-JEE/DEE जैसी परीक्षाओं में 771 विद्यार्थियों के चयन का आंकड़ा दिया गया है।
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मुफ्त कोचिंग का मतलब यह नहीं है कि सभी योजनाओं में हर विद्यार्थी सीधे प्रवेश पा सकता है। अलग-अलग योजनाओं में अलग-अलग पात्रता और चयन प्रक्रिया है। DACE केंद्रों में प्रवेश के लिए आम तौर पर Common Entrance Test आयोजित किया जाता है। वहीं मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में संबंधित सत्र और पाठ्यक्रम के अनुसार आवेदन तथा चयन प्रक्रिया निर्धारित की जाती है। इसलिए विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अनधिकृत लिंक के बजाय संबंधित विश्वविद्यालय अथवा मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के आधिकारिक पोर्टल से ही आवेदन संबंधी जानकारी लेनी चाहिए।
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मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर योजना, पाठ्यक्रम, समय-सारिणी, लेक्चर प्लान और विभिन्न जिलों के संपर्क की जानकारी उपलब्ध है। योजना के आधिकारिक पोर्टल पर सामाजिक कल्याण हेल्पलाइन 14568 भी दी गई है। महंगी निजी कोचिंग के दौर में उत्तर प्रदेश में उपलब्ध ये सरकारी और विश्वविद्यालय आधारित व्यवस्थाएं उन विद्यार्थियों के लिए बड़ा अवसर हैं, जो IAS, IPS, PCS, डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं लेकिन आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग नहीं कर सकते।
खासकर मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, BHU और BBAU के DACE केंद्रों की जानकारी ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों तक पहुंचना जरूरी है। योग्य विद्यार्थी समय-समय पर जारी होने वाले प्रवेश नोटिस और आधिकारिक पोर्टल की जानकारी लेते रहें, क्योंकि आवेदन की तारीखें और सीटों की संख्या पाठ्यक्रम एवं सत्र के अनुसार बदल सकती हैं।
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