लखनऊ में आयोजित 26वें अंतरराष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक अस्थिरता और सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज दुनिया की सबसे बड़ी समस्या संवादहीनता है। 26वें अंतरराष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों—साइबर सुरक्षा, पर्यावरण संकट और आतंकवाद—पर दुनिया को एकजुट होकर काम करना होगा। सीएम योगी गुरुवार को सीएमएस कानपुर रोड ब्रांच में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि किसी के घर में आग लगी हो, तो दूसरा व्यक्ति सुरक्षित नहीं रह सकता। “जो आज दूसरों के लिए संकट खड़ा करता है, कल वही व्यक्ति उस संकट में घिर जाता है। साल 2020 में आई कोरोना महामारी इसका बड़ा उदाहरण है।” उन्होंने आगाह किया कि वैश्विक स्थिरता के लिए राष्ट्रों को जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुनिया में बढ़ती डेटा चोरी को गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन, साइबर सिक्योरिटी और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर देशों को मुखर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के 250 करोड़ से अधिक बच्चों के बस्तों का बढ़ता बोझ भी चिंता का विषय है और इसे कम करने के लिए गंभीर प्रयासों की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदियों से दुनिया को एक परिवार की तरह देखा है। “दुनिया में कोई ऐसा मत, मजहब या संप्रदाय नहीं है जिसे भारत ने संरक्षण न दिया हो।” उन्होंने यूनाइटेड नेशन द्वारा शिक्षा, पर्यावरण और वन संपदा की रक्षा के लिए तय किए गए लक्ष्यों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षा उनमें सबसे अहम है। सीएम ने इस मौके पर स्कूल के संस्थापक डॉ. जगदीश गांधी को भी श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी वजह से लखनऊ को अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीशों के सम्मेलन की मेजबानी का गौरव मिला।
सम्मेलन में 52 देशों से आए मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश और अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। इससे पहले विदेशी अतिथियों ने आगरा में ताजमहल का भ्रमण किया। राजाजीपुरम प्रथम कैंपस में ‘डांडिया नाइट’ का आयोजन कर मेहमानों का स्वागत किया गया।
विदेशी मेहमानों के स्वागत में राजाजीपुरम प्रथम कैंपस में डांडिया नाइट का आयोजन किया गया। क्रोएशिया के पूर्व राष्ट्रपति स्टीपन मेसिक, लेसोथो के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. पकालिथा बी. मोसिलिली एवं घाना की संसद के सभापति अल्बन किंग्सफोर्ड सुमाना बैगबीन, एंटीगुआ व बरबूडा संसद के अध्यक्ष आस्बर्ट आर. फ्रेडरिक समेत विभिन्न देशों के मुख्य न्यायाधीश व न्यायाधीश पहुंचे हैं।