उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सड़क सुरक्षा के लिए बनाया गया एक डिवाइडर अब लगातार दुर्घटनाओं की वजह बन रहा है। 15 दिनों में आधा दर्जन हादसों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। ताजा घटना में तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर ने एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सड़क हादसों को रोकने के लिए बनाया गया डिवाइडर अब खुद हादसों की वजह बनता नजर आ रहा है। धामपुर कस्बे में अधूरे पड़े डिवाइडर से लगातार वाहन टकरा रहे हैं। हालात यह हैं कि महज 15 दिनों के भीतर यहां करीब आधा दर्जन सड़क हादसे हो चुके हैं। ताजा घटना में शेरकोट से धामपुर आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक देव हॉस्पिटल के पास अचानक डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में चालक मामूली रूप से घायल हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर डिवाइडर का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। इसकी वजह से वाहन चालकों को रास्ते का सही अंदाजा नहीं मिल पाता और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि जिस डिवाइडर को यातायात व्यवस्था सुधारने और राहगीरों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया था, वही अब लोगों की जान के लिए खतरा बनता जा रहा है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बिजनौर जिले के धामपुर कस्बे में एक बार फिर सड़क हादसा हो गया। शेरकोट की ओर से धामपुर आ रहा ट्रक देव हॉस्पिटल के पास पहुंचा था। इसी दौरान ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर बने डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में ट्रक चालक को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
धामपुर में अधूरे डिवाइडर के कारण सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले 15 दिनों में इस डिवाइडर से जुड़े करीब 6 हादसे हो चुके हैं। इन दुर्घटनाओं में 4 से 5 लोग घायल भी हुए हैं। लोगों का कहना है कि लगातार दुर्घटनाएं होने के बावजूद डिवाइडर को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। हर बार हादसे के बाद कुछ समय तक चर्चा होती है, लेकिन समस्या जस की तस बनी रहती है। अब एक बार फिर ट्रक की टक्कर के बाद अधूरे डिवाइडर की वजह से होने वाले खतरे को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि धामपुर कस्बे में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से डिवाइडर का निर्माण कराया गया था। लेकिन इसका निर्माण बीच में ही रोक दिया गया। लोगों का कहना है कि डिवाइडर को पूरे शहर में व्यवस्थित तरीके से बनाया जाना चाहिए था, लेकिन अधूरा निर्माण वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, सड़क पर अधूरे डिवाइडर की वजह से वाहन चालकों को कई बार रास्ते का अंदाजा नहीं मिल पाता। खासकर तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह स्थिति खतरनाक साबित हो रही है। लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही की आशंका जताते हुए संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
धामपुर में लगातार हो रहे हादसों के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण से जुड़े कर्मचारियों और जिम्मेदार विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि डिवाइडर का निर्माण पूरा नहीं किया जा सकता था तो उसे इस तरह अधूरा छोड़ना वाहन चालकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। लोगों की मांग है कि डिवाइडर का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक वहां पर्याप्त संकेतक, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को दूर से ही डिवाइडर की स्थिति का पता चल सके।
हादसे के संबंध में धामपुर थाना प्रभारी ने बताया कि दुर्घटना में ट्रक चालक मामूली रूप से घायल हुआ है। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस घटना की जांच-पड़ताल कर रही है।
हालांकि, लगातार हो रहे हादसों के बीच अब स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग डिवाइडर की स्थिति का निरीक्षण करे और जरूरी सुधार कराए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अधूरे डिवाइडर की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। धामपुर में लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या को दूर करने के लिए कब तक कदम उठाता है।
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