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उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर क्षेत्र में नासिर बाबा पीर मजार से जुड़े विवाद ने शुक्रवार देर रात अचानक तनावपूर्ण रूप ले लिया। मजार परिसर की दीवार हटाए जाने के बाद मौके पर धरने पर बैठे आजाद समाज पार्टी (आसपा) के कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच हालात बिगड़ गए।

UP News : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर क्षेत्र में नासिर बाबा पीर मजार से जुड़े विवाद ने शुक्रवार देर रात अचानक तनावपूर्ण रूप ले लिया। मजार परिसर की दीवार हटाए जाने के बाद मौके पर धरने पर बैठे आजाद समाज पार्टी (आसपा) के कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच हालात बिगड़ गए। इसी दौरान सीओ धामपुर अंजनी कुमार चतुर्वेदी और सांसद प्रतिनिधि विवेक सेन के बीच तीखी बहस ने माहौल को और गरमा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान सीओ ने कड़े लहजे में सवाल उठाते हुए कहा कि “किसने कहा गोली मार देंगे?” इसी बीच जब मौके पर मौजूद कोतवाल मृदुल कुमार सिंह स्थिति को संभालने और दोनों पक्षों को शांत कराने पहुंचे, तो हालात और उलझ गए। आरोप है कि सीओ ने उन्हें फटकारते हुए सख्त लहजे में डांट दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। UP News
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, टीचर्स कॉलोनी स्थित मजार के रास्ते में बनी दीवार को राजस्व विभाग की पैमाइश और एसडीएम के आदेश के बाद हटाया गया था। इसे जनहित में की गई कार्रवाई बताया जा रहा है। हालांकि, इस कदम का विरोध करते हुए आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी से जुड़े कार्यकर्ता मौके पर धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान सांसद प्रतिनिधि विवेक सेन ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए, जिसके बाद उनकी सीओ से तीखी बहस हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में आए स्थानीय पुलिस अधिकारियों को भी तनावपूर्ण माहौल का सामना करना पड़ा। घटना के बाद देर रात तक मजार परिसर के पास धरना जारी रहा। हालात को देखते हुए धामपुर, स्योहारा, रेहड़, शेरकोट, अफजलगढ़ और नहटौर समेत कई थानों की पुलिस बल तैनात करनी पड़ी। प्रशासन ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती। UP News
शनिवार को यह मामला तब और गंभीर हो गया जब नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने हस्तक्षेप किया। बताया जा रहा है कि विवाद से जुड़े पक्ष सांसद के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने पूरी स्थिति पर चर्चा की। सांसद ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तलब कर कार्रवाई पर नाराजगी जताई और पूरे प्रकरण की पुनः समीक्षा के निर्देश दिए। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम को पुलिस की मौजूदगी में दोबारा भूमि पैमाइश करने के लिए भेजा गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से भी तनाव और बढ़ गया। प्रशासन और पुलिस की निगरानी में भूमि पैमाइश की प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन विवाद ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल बढ़ा दी है। UP News
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