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बिजनौर में 69 साल के बुजुर्ग को डेटिंग ऐप पर हनीट्रैप में फंसाकर 65 हजार की लूट. पुलिस ने 4 आरोपी गिरफ्तार किए, 2 अब भी फरार।

UP News : डिजिटल दुनिया में बढ़ते अपराधों के बीच उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 69 वर्षीय बुजुर्ग को डेटिंग ऐप के जरिए प्रेम जाल में फंसाकर शातिर गिरोह ने न सिर्फ उनके साथ मारपीट की, बल्कि उनसे नकदी और गहने भी लूट लिए। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। UP News
बताया जा रहा है कि पीड़ित बुजुर्ग की मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर बेबी नाम की प्रोफाइल से हुई थी। शुरुआत में सामान्य बातचीत से शुरू हुआ यह सिलसिला धीरे-धीरे निजी और भावनात्मक बातचीत में बदल गया। आरोपियों ने पूरी साजिश के तहत महिला प्रोफाइल का इस्तेमाल किया और भरोसा जीतने के लिए गिरोह की कुछ लड़कियों से भी बातचीत करवाई। इससे बुजुर्ग को यह यकीन हो गया कि वह एक वास्तविक महिला से बात कर रहे हैं। कुछ दिनों में ही आरोपी बुजुर्ग को अपने जाल में पूरी तरह फंसाने में कामयाब हो गए और फिर मिलने का प्रस्ताव रखा गया।UP News
योजना के तहत बुजुर्ग को 17 अप्रैल को मिलने के लिए बुलाया गया। जब वह तय स्थान पर पहुंचे, तो गिरोह का एक सदस्य उन्हें बाइक पर बैठाकर एक सुनसान फार्महाउस की ओर ले गया। जैसे ही बुजुर्ग वहां पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे अन्य आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर डराया। इसके बाद बदमाशों ने उनके गले की सोने की चेन, अंगूठी और मोबाइल फोन छीन लिया। इतना ही नहीं, मोबाइल के जरिए जबरन उनका डिजिटल पेमेंट पासवर्ड हासिल कर करीब 65 हजार रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए। UP News
घटना के बाद पीड़ित के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान कर ली। पुलिस ने छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूटी गई नकदी का एक हिस्सा, सोने के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। हालांकि, गिरोह के दो सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। UP News
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह कोई एकल घटना नहीं थी, बल्कि एक संगठित हनीट्रैप गिरोह का काम था। आरोपी खासतौर पर ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जो उम्रदराज और आर्थिक रूप से सक्षम हों। डेटिंग ऐप और सोशल मीडिया के जरिए पहले दोस्ती की जाती थी, फिर भावनात्मक जुड़ाव बनाकर उन्हें मिलने के लिए बुलाया जाता था और सुनसान जगह पर लूट की वारदात को अंजाम दिया जाता था। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया हो सकता है। UP News
इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या डेटिंग ऐप पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय सावधानी बरतें। अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से मिलने के लिए सुनसान जगह पर न जाएं और अपनी निजी जानकारी या बैंकिंग डिटेल्स साझा करने से बचें। यह घटना इस बात की चेतावनी है कि आॅनलाइन रिश्तों के नाम पर अपराधी किस तरह लोगों की भावनाओं और भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें निशाना बना रहे हैं। UP News
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