बिजनौर में झाड़-फूंक और जादू-टोने के बहाने महिलाओं के कुंडल लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। शेरकोट पुलिस ने जीशान उर्फ कालिया को गिरफ्तार कर कुंडल बरामद किए।

UP News : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में झाड़-फूंक और जादू-टोने के नाम पर महिलाओं को ठगी का शिकार बनाकर उनके सोने के कुंडल लूटने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। शेरकोट थाना पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से पीली धातु के दो कुंडल बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य अस्पतालों के बाहर दवा लेकर निकलने वाली बुजुर्ग और जरूरतमंद महिलाओं को बीमारी ठीक करने का झांसा देते थे। इसके बाद झाड़-फूंक के बहाने उनके कानों से कुंडल उतरवा लेते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है।
मामला बिजनौर जिले के शेरकोट थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, कस्बे के मोहल्ला आचारजान निवासी कमलेश रुहेला पत्नी रणजीत सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 7 अक्टूबर 2026 को सरकारी अस्पताल से दवा लेकर निकलते समय असलम और उसके दो अज्ञात साथियों ने उन्हें बीमारी ठीक करने का झांसा दिया। आरोप है कि आरोपियों ने झाड़-फूंक और जादू-टोने के नाम पर महिला को अपने जाल में फंसाया और धोखाधड़ी करके उनके सोने के कुंडल लूट लिए। शिकायत के आधार पर शेरकोट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस ने टीमों का गठन किया और आरोपियों की तलाश शुरू की।
पुलिस के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर शेरकोट पुलिस ने जीशान उर्फ कालिया को गिरफ्तार किया। आरोपी अमरोहा जिले के नौगांव सादात थाना क्षेत्र के ग्राम नानक नंगली उर्फ नांगलिया का निवासी बताया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पीली धातु के दो कुंडल बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अपने साथियों असलम और मुजम्मिल उर्फ जैक्शन के साथ मिलकर महिलाओं को निशाना बनाने की बात बताई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितनी वारदातों को अंजाम दिया और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सरकारी अस्पताल के पास एक महिला को झांसे में लेकर उसके कुंडल लिए गए थे। इसके बाद कथित तौर पर पुलकित के माध्यम से एक कुंडल सुनार का काम करने वाले हिरदेश गोयल को 26 हजार रुपये में बेच दिया गया। आरोपी के बयान के अनुसार, दूसरे कुंडल को दो हिस्सों में बांट लिया गया था। इनमें से एक हिस्सा जीशान उर्फ कालिया के पास था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस इस मामले में कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह अपने साथियों के साथ पिछले दो से तीन वर्षों से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। गिरोह कथित तौर पर भोली-भाली और बुजुर्ग महिलाओं को बीमारी ठीक करने का लालच देता था और फिर झाड़-फूंक के बहाने उनके कानों के कुंडल उतरवा लेता था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस बात की जांच की जा रही है कि इस गिरोह ने अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी वारदातें की हैं या नहीं।
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