बिजनौर में हाईवे किनारे मिले एक नेपाली नागरिक के शव की जांच ने ऐसी कहानी सामने ला दी, जिसने पुलिस को भी कई अहम सुराग दिए। रुपये, शराब की पार्टी और फिर मनाली तक पहुंची आरोपियों की कहानी में कई चौंकाने वाले मोड़ सामने आए हैं। पढ़े पूरी खबर।

UP News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में काशीपुर-हरिद्वार हाईवे पर नेपाली नागरिक की हत्या कर रुपये लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर 1.55 लाख रुपये लूटने के लिए पहले हत्या की साजिश रची और फिर पीड़ित को हाईवे पर अज्ञात वाहन के सामने धक्का दे दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हिमाचल प्रदेश के मनाली भाग गए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई रकम में से 75 हजार रुपये बरामद किए हैं। UP News
मामला बिजनौर जिले के नजीबाबाद थाना क्षेत्र का है। पुलिस को 25 अक्टूबर 2026 को सूचना मिली थी कि काशीपुर-हरिद्वार हाईवे पर ग्राम सरवनपुर के पास एक अज्ञात व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल बिजनौर भिजवाया। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। बाद में मृतक की पहचान नेपाल निवासी अशंक बहादुर शाही (करीब 45 वर्ष) के रूप में हुई। घटना की जानकारी उसके परिजनों को दी गई। UP News
28 अक्टूबर 2026 को मृतक के बेटे अमित शाही ने जिला अस्पताल पहुंचकर अपने पिता के शव की पहचान की। अमित ने पुलिस को बताया कि उसके पिता के पास करीब 1 लाख 55 हजार रुपये नकद और अन्य सामान था, जो घटना के बाद गायब है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सिर में चोट लगने से अत्यधिक रक्तस्राव (Anti Mortem Hemorrhage due to Head Injury) बताई गई। इसके बाद मृतक के बेटे ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। UP News
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमल सिंह, करण बहादुर शाही और शेरबहादुर के रूप में हुई है। कमल सिंह और करण बहादुर शाही नेपाल के निवासी हैं, जबकि शेरबहादुर उत्तराखंड के नैनीताल जिले का रहने वाला है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे तीनों वर्तमान में कोटद्वार में रह रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात अशंक बहादुर शाही से हुई थी। जान-पहचान बढ़ने के बाद सभी ने कोटद्वार और नजीबाबाद में साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान आरोपियों को पता चला कि अशंक बहादुर शाही के पास काफी रुपये हैं। पुलिस के अनुसार, इसके बाद तीनों ने आपस में साजिश रची और रुपये लूटने के इरादे से उसकी हत्या की योजना बनाई। UP News
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि योजना के तहत उन्होंने अशंक बहादुर शाही को किसी अज्ञात वाहन के सामने धक्का दे दिया। वाहन की टक्कर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपियों ने उसे मृत समझ लिया और उसके रुपयों तथा अन्य सामान से भरा बैग लेकर मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए तीनों आरोपी हिमाचल प्रदेश के मनाली चले गए थे। पुलिस ने जांच और तलाश के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया। UP News
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मृतक के पास से मिले कुल 1 लाख 55 हजार रुपये में से 50 हजार रुपये आपस में बांट लिए और अपने-अपने घर भेज दिए थे। इसके अलावा 30 हजार रुपये मनाली में रहने के दौरान खर्च कर दिए। शेष 75 हजार रुपये मृतक के बैग में रखे हुए थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है। इस तरह पुलिस ने लूट की रकम का एक हिस्सा बरामद किया है, जबकि बाकी रकम आरोपियों द्वारा खर्च और भेजे जाने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। UP News
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