उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ में भाजपा (BJP) नेता विकुल चपराणा द्वारा एक व्यापारी को बीच सड़क पर गाली देने और नाक रगड़वाकर माफी मंगवाने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना के विरोध में अब व्यापारी वर्ग लामबंद हो गया है और भाजपा के वरिष्ठ नेता भी पीड़ित के पक्ष में उतर आए हैं। जिसके बारे में हम विस्तार से जानकारी दे रहे है। UP News
बता दे कि गुरुवार को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ में भाजपा (BJP) पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित व्यापारी सत्यम रस्तोगी से मिले और पुलिस अधिकारियों से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इस डेलीगेशन में रामायण सीरियल के ‘राम’ और मेरठ के सांसद अरुण गोविल, विधायक अमित अग्रवाल, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, प्रदेश संयोजक विनीत शारदा, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, जिला अध्यक्ष शिवकुमार राणा, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी और महापौर हरिकांत अहलूवालिया समेत कई नेता मौजूद रहे। जिसमें अरुण गोविल ने कहा “हम और हमारी पार्टी पीड़ित व्यापारी के साथ हैं। अगर पुलिसवाले भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
बता दे कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ में भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपी विकुल चपराणा को इतनी जल्दी जमानत कैसे मिल गई। उन्होंने स्पष्ट कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।
बता दे कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में यह विवाद मेरठ की दक्षिण विधानसभा के बीजेपी विधायक और ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के कार्यालय के नीचे का बताया जा रहा है। आरोप है कि भाजपा नेता विकुल चपराणा ने व्यापारी को धमकाते हुए मंत्री का नाम लेकर गालियां दीं और नाक रगड़वाकर माफी मंगवाई। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने विकुल चपराणा को गिरफ्तार किया, लेकिन तुरंत ही उसे जमानत मिल गई। मामला बढ़ने पर मेरठ के एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया और आरोपियों पर गंभीर धाराएं बढ़ा दीं। अब तक चार आरोपी गिरफ्तार कर तीन को जेल भेजा जा चुका है।
बता दे कि घटना के बाद वैश्य समाज और स्थानीय व्यापारी संगठन आक्रोशित हैं। गुरुवार शाम व्यापारी प्रतिनिधियों ने भाजपा (BJP) नेताओं के साथ एसएसपी डॉ. विपिन ताडा से मुलाकात की। पीड़ित व्यापारी के परिवारजन भी मौजूद थे।एसएसपी ने बताया कि जांच एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के नेतृत्व में चल रही है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
विकुल चपराणा ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके लिए वह माफी मांगते हैं, लेकिन वायरल वीडियो अधूरा है। उनका दावा है कि व्यापारी ने पहले मंत्री और उनके परिवार के लिए अपशब्द कहे थे। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बता दे कि यह मामला अब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है। पुलिस जांच जारी है, वहीं व्यापारी वर्ग और विपक्ष प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। भाजपा (BJP) के भीतर भी इस प्रकरण को लेकर असंतोष देखने को मिल रहा है।