विश्वकर्मा राम की सगाई महज एक माह पहले ही हुई थी और परिवार में खुशी का माहौल था। वह अपनी मां बिंदु देवी जो गांव की प्रधान हैं, के प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करते थे। बताया गया कि बीते कई महीनों से गांव के ही कुछ लोगों से उनकी भूमि को लेकर विवाद चल रहा था, जो अंतत: उनकी हत्या का कारण बना।

UP News : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में जमानिया कोतवाली क्षेत्र के टिसौरा गांव में भूमि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जमानिया मंडल अध्यक्ष और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विश्वकर्मा राम (26) की बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी गई। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। विश्वकर्मा राम की सगाई महज एक माह पहले ही हुई थी और परिवार में खुशी का माहौल था। वह अपनी मां बिंदु देवी जो गांव की प्रधान हैं, के प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करते थे। बताया गया कि बीते कई महीनों से गांव के ही कुछ लोगों से उनकी भूमि को लेकर विवाद चल रहा था, जो अंतत: उनकी हत्या का कारण बना।
मृतक की मां बिंदु देवी के अनुसार, उन्होंने 9 जनवरी को जमीन खरीदी थी। जब उस पर कब्जा लेने और चहारदीवारी का निर्माण शुरू कराया गया, तो कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। 8 मई को जब भूमि पर मिट्टी डलवाई जा रही थी, तब आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की थी। उस हमले में विश्वकर्मा राम गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा था। इस मामले में अदालत के आदेश पर प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी, लेकिन आरोपियों द्वारा लगातार समझौते और जमीन छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का आरोप है कि हत्या से पहले भी विश्वकर्मा राम को जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं।
11 दिसंबर की रात विश्वकर्मा राम अपने परिवार के साथ शाहपुर गांव स्थित बुआ के घर एक निमंत्रण में गए थे। रात करीब 10 बजे वह अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से अकेले घर लौट रहे थे। रास्ते में फुल्ली और दौदही नौली रजबाहा के बीच पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें रोककर बेरहमी से पीटा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अगली सुबह ग्रामीणों ने सड़क किनारे उनका शव औंधे मुंह पड़ा देखा, पास में उनकी मोटरसाइकिल भी गिरी हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे।
विश्वकर्मा राम दो भाइयों में बड़े थे। छोटे भाई कालीचरण और दो बहनें भाई के शव को देखकर बेसुध हो गईं। मां बिंदु देवी बार-बार बेहोश हो रही थीं। गांव की महिलाएं उन्हें संभालने और ढांढस बंधाने में लगी रहीं। घटना के बाद पूरे टिसौरा गांव में गम और गुस्से का माहौल है। दिलदारनगर के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक की मां की तहरीर पर गांव के ही पांच नामजद आरोपियों सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीन से चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के हवाले किया जाएगा।