भाजपा विधायक जय देवी कौशल ने मंदिर के एक कार्यक्रम में उन्हें पूजा और आरती से रोके जाने का आरोप लगाया है। विधायक का दावा है कि जिस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए उन्होंने आर्थिक स्वीकृति दिलाई, उसी मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उन्हें पूजा में शामिल नहीं होने दिया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक जय देवी कौशल ने मंदिर के एक कार्यक्रम में उन्हें पूजा और आरती से रोके जाने का आरोप लगाया है। विधायक का दावा है कि जिस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए उन्होंने आर्थिक स्वीकृति दिलाई, उसी मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उन्हें पूजा में शामिल नहीं होने दिया गया। घटना के दौरान भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी भी मौजूद थे। विधायक ने इसे जातिगत भेदभाव से जोड़ते हुए मामले की शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से करने की बात कही है। बताया गया कि क्षेत्र के शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। विधायक को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष समेत कई स्थानीय पदाधिकारी पहुंचे थे। विधायक के अनुसार, पूजन की सभी तैयारियां पूरी होने के बावजूद उन्हें धार्मिक अनुष्ठान में शामिल नहीं किया गया। UP News
जय देवी कौशल ने कहा कि मंदिर में लंबे समय से कार्यक्रम की तारीख तय नहीं हो पा रही थी। बाद में उनकी सहमति से पूजन कार्यक्रम निर्धारित किया गया। वह तय समय पर मंदिर पहुंचीं, लेकिन उन्हें न तो पूजा करने का अवसर दिया गया और न ही आरती में शामिल होने दिया गया। विधायक के मुताबिक, मंदिर परिसर में पंडित ने धार्मिक प्रक्रिया पूरी की और कुछ लोगों की मौजूदगी में पांच ईंटें रखी गईं, जबकि वह पूरे कार्यक्रम के दौरान अलग खड़ी रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ ऐसा व्यवहार जातिगत भेदभाव के कारण किया गया। विधायक ने कहा कि वह इस मामले को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखेंगी और घटना की शिकायत करेंगी। UP News
विधायक के पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने भी घटना पर नाराजगी जताई है। उनके अनुसार, काकोरी स्थित शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए विधायक जय देवी कौशल के प्रयास से करीब 78 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। कौशल किशोर ने बताया कि क्षेत्र के एक अन्य मंदिर के निर्माण के लिए भी करीब 70 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कराई गई थी। दोनों स्थानों पर शिलान्यास और भूमिपूजन कार्यक्रम प्रस्तावित थे। UP News
कौशल किशोर ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने मंदिर परिसर पर अपना प्रभाव या एकाधिकार बना रखा है। उनका दावा है कि इसी वजह से विधायक को धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन में किसी भी व्यक्ति के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। कौशल किशोर के मुताबिक, वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी देंगे। UP News
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