शराब की दुकान बाहरी रूप से सामान्य दिखती थी, लेकिन इसके पीछे एक सीक्रेट रूम में अवैध रीफिलिंग यूनिट चल रही थी। यहां प्रीमियम ब्रांड की खाली बोतलों में सस्ती शराब भरकर नकली ढक्कनों से सील किया जा रहा था।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में नकली शराब रैकेट का खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के शास्त्री नगर के राजापुर इलाके में एक लाइसेंसी शराब दुकान के पीछे बने सीक्रेट रूम में प्रीमियम ब्रांड की बोतलों में नकली शराब भरी जा रही थी। आबकारी विभाग और पुलिस ने सैकड़ों खाली बोतलें, नकली ढक्कन और नकली शराब जब्त की हैं। इस रैकेट के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
शराब की दुकान बाहरी रूप से सामान्य दिखती थी, लेकिन इसके पीछे एक सीक्रेट रूम में अवैध रीफिलिंग यूनिट चल रही थी। यहां प्रीमियम ब्रांड की खाली बोतलों में सस्ती शराब भरकर नकली ढक्कनों से सील किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस और आबकारी विभाग ने रॉयल स्टैग, मैकडॉवेल्स, ब्लेंडर्स प्राइड जैसी ब्रांडेड खाली बोतलों, नकली ढक्कनों और तैयार की गई स्पिरिट को जब्त किया।
कुलदीप, भानु प्रताप सिंह और नवी हुसैन ने अवैध रीफिलिंग यूनिट चलाई। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कवि नगर थाने में केस दर्ज किया गया। नकली ढक्कन सप्लाई करने वाले दिलावर सैनी और मॉडल शॉप की लाइसेंसधारक पल्लवी राय के नाम भी एफआईआर में शामिल किए गए हैं।
रॉयल स्टैग, मैकडॉवेल्स, ब्लेंडर्स प्राइड, आॅल सीजन और रॉकफोर्ड जैसी ब्रांडेड खाली बोतलें रैकेट में इस्तेमाल हो रही थीं।
सस्ती शराब इन खाली बोतलों में भरी जाती और नकली ढक्कनों से सील कर प्रीमियम ब्रांड की तरह बेची जाती। इस कार्रवाई में कुल 821 नकली ढक्कन, 149 भरी हुई बोतलें और 270 खाली बोतलें जब्त की गईं।
आबकारी विभाग ने मॉडल शॉप का लाइसेंस रद करने की सिफारिश की है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खत्म करने और चंडीगढ़ से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक नकली शराब की तस्करी रोकने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। गाजियाबाद में नकली शराब का यह रैकेट यह दिखाता है कि प्रीमियम ब्रांड के नाम पर कैसे लोग सस्ती शराब को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। आबकारी विभाग और पुलिस की सतर्कता के कारण अब यह गिरोह पकड़ा गया, लेकिन जांच अब भी जारी है।
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