भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 की सफलता और नई दिल्ली घोषणापत्र को सर्वसम्मति से मंजूरी मिलने पर काशी में विशेष वैदिक अनुष्ठान किया गया।

UP News : भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 की सफलता और ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को सर्वसम्मति से मंजूरी मिलने पर काशी में विशेष आध्यात्मिक आयोजन किया गया। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सिद्धेश्वरी स्थित आध्यात्मिक परिसर में नमामि गंगे की ओर से महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के वेदपाठी बटुकों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। इस दौरान ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता के लिए बाबा विश्वनाथ और मां गंगा का आभार जताते हुए वैश्विक शांति और मानव कल्याण की कामना की गई।
आयोजन के दौरान ब्रिक्स देशों के राष्ट्रध्वज और उनके राष्ट्राध्यक्षों की तस्वीरें लेकर स्वस्तिवाचन किया गया। वेदपाठी बटुकों ने वैदिक मंत्रों के साथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों और गंगाष्टकम का पाठ किया। आयोजकों ने कहा कि काशी की आध्यात्मिक परंपरा के माध्यम से ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता पर आभार व्यक्त करना भारत की उस सांस्कृतिक सोच को दर्शाता है, जिसमें वैश्विक शांति, सद्भाव और मानव कल्याण को प्राथमिकता दी जाती है।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के उद्घाटन और समापन दोनों अवसरों पर भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, संस्कृति और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जब दुनिया कई तरह के तनाव और मतभेदों से गुजर रही है, ऐसे में भारत ने संवाद, कूटनीति और सांस्कृतिक मूल्यों के जरिए विभिन्न देशों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया है। UP NEWS:
राजेश शुक्ला ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन के जरिए भारत ने वैश्विक स्तर पर ‘ग्लोबल साउथ’ और शांति की मजबूत आवाज के रूप में अपनी भूमिका को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि व्यापार और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर भारत और चीन का साथ आना दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आपसी सहयोग का यह वातावरण भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय संवाद को मजबूत करने में मददगार साबित हो सकता है।
राजेश शुक्ला ने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता भी महत्वपूर्ण रही। उनके अनुसार, बैठक में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और निवेश से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने इसे भारत और रूस के पारंपरिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। काशी में आयोजित वैदिक अनुष्ठान के दौरान भी सम्मेलन की सफलता के साथ भारत के वैश्विक स्तर पर बढ़ते प्रभाव, शांति और मानव कल्याण की कामना की गई। UP NEWS:
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