कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के 69वें जन्मदिन पर चर्चा भीड़ या मंच की नहीं, बल्कि लंदन से विशेष विमान के जरिए आए 2.5 करोड़ रुपये के थरोब्रेड (Thoroughbred) घोड़े अश्व जोहान्सबर्ग की हो रही है जिसके नाम 7 अंतरराष्ट्रीय रेस जीतने का दावा किया जा रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति और शक्ति-प्रदर्शन के बीच इस बार गोंडा से एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने जन्मदिन समारोह को इवेंट से ज्यादा इंटरनेशनल शोकेस बना दिया। कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के 69वें जन्मदिन पर चर्चा भीड़ या मंच की नहीं, बल्कि लंदन से विशेष विमान के जरिए आए 2.5 करोड़ रुपये के थरोब्रेड (Thoroughbred) घोड़े अश्व जोहान्सबर्ग की हो रही है जिसके नाम 7 अंतरराष्ट्रीय रेस जीतने का दावा किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के गोंडा में जन्मदिन समारोह उस वक्त अचानक और ज्यादा चर्चा में आ गया, जब मंच पर हरियाणा से आए एक दंपती ने विदेशी तोहफे का ऐलान किया और पंडाल में मौजूद लोगों की निगाहें एक ही दिशा में ठहर गईं। बताया गया कि यह चैंपियन घोड़ा हाल ही में लंदन से विशेष व्यवस्था के तहत भारत लाया गया है और अब पूर्व सांसद के अस्तबल की नई शान बनेगा। कार्यक्रम स्थल पर उत्सुकता इसलिए भी चरम पर रही, क्योंकि यह उपहार सिर्फ कीमत के कारण नहीं, बल्कि अपने रेसिंग रिकॉर्ड और प्रीमियम नस्ल की वजह से भी उत्तर प्रदेश में चर्चा का बड़ा विषय बन गया।
बताया गया कि अश्व जोहान्सबर्ग थरोब्रेड नस्ल का चैंपियन घोड़ा है। उपहार देने वाले दंपती रविंद्र पाल सिंह चौहान और संगीता सिंह चौहान (रेवाड़ी/हरियाणा निवासी) ने कहा कि उपहार का मूल्य तय नहीं होता, लेकिन रेसिंग कैटेगरी में ऐसे घोड़े की कीमत दौड़ों के रिकॉर्ड के साथ तेज़ी से बढ़ती है और यह ढाई करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इस घोड़े को लेकर दावा किया गया कि यह अब तक 38 अंतरराष्ट्रीय रेस में हिस्सा ले चुका है और 7 में प्रथम रहा है। साथ ही दो बार दूसरे, पांच बार तीसरे और चार बार चौथे स्थान का रिकॉर्ड भी बताया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी रेटिंग 102 बताई जा रही है, जिससे इसे हाई-वैल्यू रेस हॉर्स की श्रेणी में रखा जा रहा है।
चौहान दंपती का कहना है कि उनकी मुलाकातें अक्सर दिल्ली में होती रहती हैं और वहीं उन्होंने करीब से महसूस किया कि पूर्व सांसद का घोड़ों के प्रति खास लगाव है। दंपती के मुताबिक, संगीता चौहान के पास दिल्ली-हरियाणा में बड़ी संख्या में घोड़े हैं और इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने जन्मदिन पर ऐसा तोहफा चुनने का फैसला किया, जो सिर्फ महंगा नहीं बल्कि अपनी नस्ल और रेसिंग पहचान के लिए भी जाना जाए।
उत्तर प्रदेश के गोंडा में जन्मदिन समारोह का रंग उस वक्त और गहरा हो गया, जब तस्वीरों में 100 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचने और रास्ते भर फूलों की बारिश जैसी झलकियाँ सामने आईं। बताया गया कि पूर्व सांसद ने पहले मंदिर में दर्शन-पूजन किया, फिर मंचीय कार्यक्रम में पहुंचकर संबोधन दिया और अनुशासन को लेकर सख्त संदेश भी दिया। समारोह के समापन पर आयोजन की भव्यता विशाल भंडारे में दिखी जहां लाखों लोगों के भोजन की व्यवस्था होने का दावा किया गया। पंडाल की तैयारियों से लेकर रसोई की कमान और मेन्यू तक चर्चा रही, खासकर पारंपरिक व्यंजनों का जिक्र हुआ, जिन्हें उत्तर प्रदेश के बड़े सामाजिक आयोजनों की पहचान माना जाता है। इसी बीच घोड़े के अलावा अन्य उपहार भी सुर्खियों में रहे खेल जगत से जुड़े एक चेहरे द्वारा सोने की चेन भेंट करने और समर्थकों द्वारा विशेष जैकेट पहनाने की बात कही गई, जिस पर मंच से हल्के-फुल्के अंदाज़ में टिप्पणी भी हुई। UP News