भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली की एक अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ के आरोपों से जुड़े मामले में उन्हें आरोपमुक्त कर दिया है।

UP News : भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली की एक अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ के आरोपों से जुड़े मामले में उन्हें आरोपमुक्त कर दिया है। अदालत ने इसी मामले में WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी राहत देते हुए आरोपों से मुक्त कर दिया। UP News
मामले की सुनवाई कर रहे एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को आरोपमुक्त करने का आदेश दिया। इससे पहले मई 2024 में अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी के आरोप तय करने का निर्देश दिया था। वहीं, छह महिला पहलवानों में से एक की शिकायत में अदालत पहले ही उन्हें राहत दे चुकी थी। UP News
अदालत से बाहर आने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा, "कोर्ट ने मुझे सम्मानपूर्वक बरी किया है। मैंने पहले भी कहा था कि यदि दोषी साबित हुआ तो सजा भुगतने को तैयार हूं, लेकिन आज अदालत ने मुझे राहत दी है।" हालांकि, आरोप लगाने वालों या कथित राजनीतिक साजिश से जुड़े सवालों पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। UP News
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के उद्देश्य से हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था। यह आरोपपत्र महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर तैयार किया गया था। UP News
महिला पहलवानों के आरोप सामने आने के बाद वर्ष 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन चला था। इस आंदोलन में अंतरराष्ट्रीय पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक समेत कई खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। आंदोलन के दौरान बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग जोर-शोर से उठी थी। बाद में मामला अदालत तक पहुंचा और कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने उन्हें इस मामले में आरोपमुक्त कर दिया है। UP News
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