बाबा रामदेव और पतंजलि को लेकर बृजभूषण शरण सिंह का ताजा बयान एक बार फिर चर्चा में है। 50 करोड़ रुपये के मानहानि मामले के बीच कैसरगंज के पूर्व सांसद ने पतंजलि के घी और अन्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर योगगुरु बाबा रामदेव और पतंजलि को लेकर दिए बयान के कारण सुर्खियों में हैं। इस बार मामला केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे 50 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा भी चल रहा है। बृजभूषण शरण सिंह ने हालिया बातचीत में पतंजलि के उत्पादों, खासकर घी, को लेकर फिर गंभीर सवाल उठाए और बाबा रामदेव पर तीखी टिप्पणी की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि अदालत उन्हें दोषी ठहराकर जेल भेजती है तो वह जेल जाने के लिए तैयार हैं और जमानत नहीं कराएंगे। उन्होंने अपने बयान को मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ जागरूकता से जोड़ते हुए कहा कि यदि उनके जेल जाने से लोगों में जागरूकता आती है तो वह इसे स्वीकार करेंगे। UP News
बृजभूषण शरण सिंह ने बाबा रामदेव और पतंजलि पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कई उत्पाद बंद हो चुके हैं। इसी दौरान उन्होंने बेहद तीखी भाषा में टिप्पणी की कि ‘दवा बंद हो गई, घी बंद हो गया, अब केवल चड्डी बची है।’ यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस विवाद ने जोर पकड़ लिया है। बृजभूषण ने पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए यह भी दावा किया कि इतनी बड़ी मात्रा में घी के उत्पादन के लिए आवश्यक पशुपालन और कच्चे माल के स्रोतों पर सवाल उठना चाहिए। उन्होंने विदेशों से कच्चा माल लाकर रिफाइन किए जाने जैसे आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। UP News
विवाद की जड़ बृजभूषण शरण सिंह के पतंजलि के घी को लेकर दिए गए पुराने बयानों में बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2022 में भी उन्होंने सार्वजनिक तौर पर पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उसे नकली बताया था और लोगों से अपने घर में गाय या भैंस पालने की अपील की थी। इसके बाद पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा दायर किया। कंपनी की ओर से यह आरोप लगाया गया कि बृजभूषण के सार्वजनिक बयानों से उसकी ब्रांड छवि को नुकसान पहुंचा और आर्थिक क्षति हुई। UP News
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मामला पहले जिला अदालत में चला और बाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंचा। 15 सितंबर 2026 की सुनवाई में बृजभूषण शरण सिंह की ओर से अधिवक्ता ने अदालत में उपस्थिति दर्ज कराई और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इसके बाद अगली सुनवाई 18 सितंबर के लिए निर्धारित बताई गई थी। यानी इस समय यह मामला अदालत में विचाराधीन है। इसलिए बृजभूषण शरण सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों को न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य मानना उचित नहीं होगा और मानहानि मामले में अंतिम निर्णय भी अदालत के स्तर पर होना बाकी है। UP News
पतंजलि फूड्स की ओर से मामले में कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है। कंपनी के अधिवक्ता के अनुसार, बृजभूषण के बयानों से कंपनी की ब्रांड इमेज प्रभावित हुई और शेयर मूल्य पर भी असर पड़ने का दावा किया गया। इसी आधार पर 50 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा अदालत के सामने रखा गया है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि पतंजलि के घी से जुड़े एक अलग मामले में उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में खाद्य सुरक्षा से संबंधित कार्रवाई और जुर्माने की खबरें सामने आई थीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 2020 में लिए गए नमूने की जांच और बाद की प्रक्रिया के बाद 2025 में एक लाख रुपये के जुर्माने की बात सामने आई। यह घटना अलग कानूनी/खाद्य सुरक्षा मामला है और इसे बृजभूषण शरण सिंह के आरोपों की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जा सकता। UP News
50 करोड़ रुपये के मानहानि मामले पर बृजभूषण शरण सिंह का रुख भी काफी आक्रामक दिखाई दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि अदालत उन्हें सजा देती है और जेल भेजती है तो वह जेल जाएंगे और जमानत नहीं कराएंगे। उनका तर्क है कि इससे नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ लोगों में जागरूकता पैदा होगी। उन्होंने सरकार से मिलावट के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की मांग भी की और कहा कि कार्रवाई किसी एक कंपनी तक सीमित न रहकर मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ होनी चाहिए। UP News
2022 : बृजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि के घी को लेकर सार्वजनिक सवाल उठाए और उसे नकली बताया मीडिया रिपोर्टों में इसे मौजूदा विवाद की पृष्ठभूमि बताया गया है।
2025 : पिथौरागढ़ में खाद्य सुरक्षा से जुड़े एक अलग मामले में पतंजलि के घी को लेकर कार्रवाई और जुर्माने की रिपोर्ट सामने आई।
2026 : बृजभूषण ने घी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर फिर बयान दिए।
सितंबर 2026 : पतंजलि फूड्स के 50 करोड़ रुपये के मानहानि दावे की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पहुंची।
18 सितंबर 2026: बृजभूषण ने गोंडा में एक बार फिर बाबा रामदेव और पतंजलि को लेकर तीखी टिप्पणी की तथा जेल जाने और जमानत नहीं लेने की बात कही। UP News
बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच यह टकराव अब राजनीतिक बयानबाजी या सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप भर नहीं रह गया है। एक तरफ बृजभूषण शरण सिंह लगातार पतंजलि के उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं और अपने आरोपों को जनजागरूकता का मुद्दा बता रहे हैं। दूसरी तरफ पतंजलि फूड्स ने इन्हीं बयानों को कंपनी की प्रतिष्ठा और आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा किया है। अब इस विवाद में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि बृजभूषण शरण सिंह द्वारा लगाए गए आरोप अदालत में किस रूप में परखे जाते हैं और 50 करोड़ रुपये के मानहानि दावे पर न्यायालय का अंतिम रुख क्या होता है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी जारी है और बृजभूषण शरण सिंह का ताजा बयान इस पुराने विवाद को एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में ले आया है। UP News
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