उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता बृजभूषण सिंह का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल बयान के साथ ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चर्चित भाजपा नेता और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता बृजभूषण सिंह का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल बयान के साथ ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चर्चित भाजपा नेता और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। महिला पहलवानों से जुड़े मामले में अदालत से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने हरियाणा के महेंद्रगढ़ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पहली बार इस पूरे विवाद पर खुलकर टिप्पणी की। उनके बयान ने पुराने पहलवान विवाद की सियासी बहस को एक बार फिर हवा दे दी है। 30 अगस्त को महेंद्रगढ़ के पाथेड़ा गांव में आयोजित एक सम्मान समारोह में बृजभूषण शरण सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सचिन तंवर के राजस्थान पुलिस में डीएसपी पद पर पदोन्नत होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इसी दौरान उन्होंने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों और उसके बाद पैदा हुए विवाद का जिक्र किया। UP News
बृजभूषण शरण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा की कुछ महिला पहलवानों ने उन पर आरोप लगाए और इस पूरे विवाद के कारण उन्हें देशभर में पहचान मिली। उन्होंने इस संदर्भ में रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह कैकेयी के कारण भगवान राम को पहचान मिली, उसी तरह महिला पहलवानों के कारण उन्हें भी देशभर में पहचान मिली।
उनके इस बयान को महिला पहलवानों पर सीधे तंज के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि यह टिप्पणी अदालत से बरी होने के कुछ ही सप्ताह बाद आई है और ऐसे समय में आई है जब पहलवानों से जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी फिर तेज हो गई है। UP News
बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों ने वर्ष 2023 में गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन किया था। इस आंदोलन में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई चर्चित पहलवान शामिल हुए थे। मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और खेल जगत में बड़ा विवाद खड़ा किया था। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त 2026 को बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को मामले में बरी कर दिया था। अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण समर्थकों ने गोंडा में जश्न मनाया, जबकि विनेश फोगाट ने फैसले को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट जाने की बात कही थी। UP News
अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह का राजनीतिक तेवर भी पहले की तुलना में अधिक मुखर नजर आ रहा है। 12 अगस्त को आजतक को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया था कि महिला पहलवानों से जुड़ा पूरा मामला उनके खिलाफ रची गई साजिश थी और इसके पीछे हरियाणा चुनाव को प्रभावित करने की राजनीतिक मंशा थी। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि वह भविष्य में फिर चुनाव लड़ेंगे। अब हरियाणा में सार्वजनिक मंच से दिया गया उनका ताजा बयान इसी सिलसिले की अगली कड़ी माना जा रहा है। UP News
बृजभूषण शरण सिंह का प्रभाव केवल गोंडा तक सीमित नहीं माना जाता। वह अवध और पूर्वांचल की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। वह छह बार सांसद रह चुके हैं और गोंडा तथा देवीपाटन मंडल की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बृजभूषण शरण सिंह की सक्रियता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह लगातार अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। आजतक की मार्च 2026 की राजनीतिक रिपोर्ट में भी उनके अवध और पूर्वांचल में सक्रिय होने तथा ठाकुर राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने जौनपुर, प्रतापगढ़ और अयोध्या समेत कई इलाकों में कार्यक्रमों के जरिए अपनी राजनीतिक सक्रियता दिखाई थी। UP News
बृजभूषण शरण सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों पूर्वांचल से आते हैं और दोनों की अपनी-अपनी मजबूत राजनीतिक पहचान है। ऐसे में बृजभूषण की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को यूपी की आगामी चुनावी राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह ने अगस्त में आजतक से बातचीत में कहा था कि भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उनके रिश्ते सामान्य हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि उनका राजनीतिक सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। UP News
दूसरी तरफ कांग्रेस नेता और पहलवान विनेश फोगाट भी बृजभूषण शरण सिंह पर लगातार हमला बोल रही हैं। 19 अगस्त को हरियाणा के जींद में उन्होंने बृजभूषण को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की थी और भाजपा पर उनका समर्थन करने का आरोप लगाया था। विनेश ने गोंडा में जमीन और संपत्ति से जुड़े सवाल भी उठाए थे तथा कहा था कि वह इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगी। इस तरह एक तरफ अदालत का फैसला बृजभूषण शरण सिंह के पक्ष में आया है, वहीं दूसरी ओर उनके खिलाफ राजनीतिक और सार्वजनिक बयानबाजी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। UP News
बृजभूषण शरण सिंह के ताजा बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है क्या वह 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर यूपी की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं? अदालत से राहत मिलने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता दिखाई दे रही है और वह अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी संकेत दे चुके हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में उनकी गतिविधियों पर भाजपा के साथ-साथ विपक्ष की भी नजर रहना तय माना जा रहा है।
फिलहाल इतना साफ है कि बृजभूषण शरण सिंह का नाम एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। महिला पहलवानों से जुड़ा पुराना विवाद भले ही अदालत के स्तर पर उनके पक्ष में समाप्त हुआ हो, लेकिन इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। UP News
बृजभूषण शरण सिंह का ताजा बयान केवल पहलवान विवाद पर प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उनकी मौजूदा राजनीतिक सक्रियता का भी संकेत माना जा रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अवध और पूर्वांचल की राजनीति में अगर उनकी सक्रियता बढ़ती है तो इसका असर भाजपा की अंदरूनी राजनीति और विपक्ष की रणनीति, दोनों पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में बृजभूषण किस राजनीतिक भूमिका में नजर आते हैं, यह यूपी की सियासत के लिए अहम सवाल रहेगा। UP News
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