पहलवानों ने उनके ऊपर यौनशोषण का आरोप लगाया था, जिसके कारण बीजेपी को उनका टिकट काटना पड़ा था। उन्होंने कहा कि मुझे परिस्थिति जन्य रिटायर कर दिया गया, लेकिन जनता ने मुझे रिटायर नहीं किया है।

बृजभूषण शरण सिंह का परिवार वर्षों से उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली रहा है। वे स्वयं छह बार सांसद रह चुके हैं। गोंडा, बलरामपुर और कैसरगंज जैसे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। बड़े बेटे करन भूषण सिंह वर्तमान में सांसद हैं। छोटे बेटे प्रतीक भूषण सिंह विधायक हैं। पत्नी केतकी सिंह भी सांसद रह चुकी हैं। ऐसे में उनका 2029 में चुनाव लड़ने का एलान न सिर्फ स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है, बल्कि आने वाले वर्षों की राजनीतिक रणनीतियों पर भी बड़ा असर डाल सकता हक्षेत्र में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मीबृजभूषण के इस बयान के बाद कैसरगंज और देवी पाटन मंडल की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2029 के चुनाव में क्षेत्रीय समीकरण बदल सकते हैं। परिवार के भीतर सीट को लेकर आगे चलकर कोई नई रणनीति भी सामने आ सकती है। उनके समर्थक पहले से ही 2029 की तैयारी शुरू कर सकते हैं।
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