बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम की खूब चर्चा हो रही है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बसपा का परचम फहराने वाले कांशीराम की चर्चा का कारण भी खास है। दरअसल 15 मार्च 2026 को पूरे देश में कांशीराम की जयंती मनाई गई।

UP News : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम की खूब चर्चा हो रही है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बसपा का परचम फहराने वाले कांशीराम की चर्चा का कारण भी खास है। दरअसल 15 मार्च 2026 को पूरे देश में कांशीराम की जयंती मनाई गई। मजेदार बात यह रही कि जो राजनीतिक दल स्वर्गीय मान्यवर कांशीराम का जीवन भर विरोध करते रहे उन्होंने भी कांशीराम के निधन के 20 वर्ष बााद 15 मार्च को उनकी जयंती मनाई। बात यहीं तक नहीं रूकी कुछ बड़े नेताओं ने स्व. कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठा दी।
आपको बता दें कि 15 मार्च 2026 को स्व. कांशीराम की जयंती थी। इस मौके पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चि_ी लिखकर बसपा संस्थापक कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की है। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की। राहुल ने पत्र में कहा, कांशीराम ने भारतीय राजनीति में दलित और शोषित वर्ग को उसकी अहमियत बताई व भारतीय राजनीति का स्वरूप बदला। उन्होंने समाज के बहुजनों में राजनीतिक जागरूकता उत्पन्न की। उन्हें भारत रत्न देने से उन लाखों लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति होगी, जो उन्हें समाज के उद्धारक के रूप में देखते है।
बसपा के कार्यकर्ताओं ने राहुल गाँधी के द्वारा स्व. कांशीराम को भारतरत्न देने की मांग को कांग्रेस पार्टी की नौटंकी करार दिया है। बसपा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कैसा मजाक है। जो कांग्रेस पार्टी जीवन भर मान्यवर कांशीराम का विरोध करती रही है वह पार्टी उनके नाम पर नौटंकी करने का काम कर रही है। बसपा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि भारत देश का दलित समाज इतना जागरूक तथा बुद्धिमान है कि वह कांग्रेस की इस नौटंकी पर हंस तो सकता है किन्तु कांग्रेस की नौटंकी के जाल में फंस नहीं सकता है। UP News