Bulandshahr : बुलंदशहर। फाउंडेशन फॉर एग्रीकल्चरल रिसोर्सेस मैनेजमेंट एंड एनवायरमेंटल रेमेडिएशन(Foundation for Agricultural Resources Management and Environmental Remediation) (फारमर), गाजियाबाद के सहयोग से प्रगतिशील किसान समूह द्वारा शुक्रवार को कृषि वानिकी केंद्र गेस्ट हाउस, ग्राम दानगढ़, बुलंदशहर मे 'नेट हाउस तकनीक के माध्यम से रोगमुक्त आलू के बीज का उत्पादन, समेकित कीट प्रबन्धन एवं जैविक आलू उत्पादन' विषय पर एक दिवसीय किसान मेला/किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। किसान मेला/किसान गोष्ठी में डॉ.जगपाल सिंह, सचिव एवं डॉ. सुब्रता दत्ता, कार्यकारी निदेशक, फारमर, ग़ाजिय़ाबाद, डॉ.मनोज कुमार, संयुक्त निदेशक एवं प्रधान वैज्ञानिक, डॉ. सतीश कुमार लूथरा, प्रधान वैज्ञानिक एवं डॉ.मेही लाल, वरिष्ठ वॉज्ञानिक, भा.कृ.अ.प. केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान परिसर, मोदीपुरम, मेरठ, पदमश्री डॉ.भारत भूषण त्यागी, बुलंदशहर, डॉ. लक्ष्मीकांत, अध्यक्ष, डॉ.मनोज कुमार, वैज्ञानिक (पशु पालन) एवं डॉ. रिशू सिंह, वैज्ञानिक (पादप सुरक्षा), कृषि विज्ञान केंद्र, बुलंदशहर उपस्थित रहें।
किसान मेला/किसान गोष्ठी की अध्यक्षता पदमश्री डॉ.भारत भूषण त्यागी ने की। पदमश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी ने आलू की जैविक खेती के विषय मे अपना व्याख्यान दिया। पदमश्री डॉ.भारत भूषण त्यागी ने किसानों को फारमर समूह के रूप में इकठ्टा होकर अपने कृषि उत्पाद की स्वयं प्रसंस्करण और विपणन के माध्यम से काम करने की सलाह दी।फारमर संस्था के सचिव डॉ. जगपाल सिंह जी ने नेट हाउस तकनीक के माध्यम से रोगमुक्त आलू बीज उत्पादन तकनीक, समेकित कीट प्रबन्धन एवं जैविक आलू उत्पादन से सभी किसान भाइयों को अवगत कराया। डॉ. मनोज कुमार, संयुक्त निदेशक एवं प्रधान वैज्ञानिक, भा.कृ.अ.प. केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान परिसर, मोदीपुरम, मेरठ ने आलू की उन्नत किस्म के प्रजाति की खेती करके एवं बीज उत्पादन करके किसान अपनी आमदनी को कैसे बढ़ा सकता है इस विषय पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी किसान भाइयों को संबोधित किया।