महिलाओं ने रोते हुए बरातघर को गिराने से रोकने की गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी। मालियों की पुलिया से सूफी टोला जाने वाले रास्ते को पुलिस ने गाड़ियों के लिए बंद कर दिया। केवल स्थानीय लोग ही पैदल या बाइक से इस क्षेत्र में जा सकते थे।

UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली के सूफी टोला इलाके में स्थित ऐवान-ए-फरहत और गुड मैरिज हॉल को अवैध निर्माण बताते हुए बीडीए ने मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई में दो बुलडोजर लगाए गए और बीडीए अधिकारी तथा भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। स्थानीय परिवारों ने इस कार्रवाई का विरोध किया। महिलाओं ने रोते हुए बरातघर को गिराने से रोकने की गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी। मालियों की पुलिया से सूफी टोला जाने वाले रास्ते को पुलिस ने गाड़ियों के लिए बंद कर दिया। केवल स्थानीय लोग ही पैदल या बाइक से इस क्षेत्र में जा सकते थे, जबकि बाहरी लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
सूफी टोला में संकरे रास्तों पर बने ये बरातघर सरफराज वली खान और राशिद खान के हैं। सरफराज वली खान सपा से जुड़े हैं और कद्दावर नेता आजम खां के करीबी माने जाते हैं। राशिद खान एक व्यवसायी हैं और बरेली बवाल में आरोपी मौलाना तौकीर रजा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। बीडीए ने बताया कि दोनों बरातघर बिना अनुमतियों और नियमों के विपरीत बनाए गए थे।
सरफराज वली खान के बेटे सैफ वली खान कैंट विधानसभा क्षेत्र से सपा का टिकट पाने के इच्छुक हैं। बरातघर के ध्वस्त होने से उनके राजनीतिक दावों पर असर पड़ सकता है। सपा के नेताओं के शहर आगमन पर सरफराज के घर उनका स्वागत करते रहे हैं। सूफी टोला में 26 सितंबर को हुए बवाल में बड़ी संख्या में युवकों की भागीदारी थी। इनमें से कुछ को जेल भेजा गया, जबकि कई अब रिश्तेदारों या दूसरे शहरों में रह रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इलाके के संपन्न लोगों में से कुछ ने इन युवाओं को उकसाया और आर्थिक मदद भी दी। इन लोगों में राशिद खान का नाम भी शामिल है।
सोमवार को सुबह 9:30 बजे पुलिस और चौकी इंचार्ज ने इलाके का दौरा किया। 10:50 बजे बारादरी थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। जाम की स्थिति बनने पर पुलिस ने वाहनों को नियंत्रित कर निकाला। गुड मैरिज हॉल के मालिक ने सामान बाहर निकालना शुरू किया। अधिकारियों से संपर्क की कोशिशों के बाद दोपहर 12 बजे कार्रवाई अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई।।
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