चित्रकूट समेत बुंदेलखंड के 7 सात जिलों में शामिल इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की है। सपा के डॉ. मानसिंह यादव ने भाजपा के अशोक कुमार राठौर को 27,663 मतों से हराया। डॉ. मानसिंह यादव को 60,358 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राठौर को 32,695 मत मिले।

MLC Elections : इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर सपा के डॉ. मानसिंह यादव ने भाजपा के अशोक कुमार राठौर को 27,663 मतों से हराया, चित्रकूट समेत बुंदेलखंड के सात जिले निर्वाचन क्षेत्र में शामिल
चित्रकूट। बुंदेलखंड में लोकसभा चुनाव के बाद अब इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक एमएलसी चुनाव में भी भाजपा को झटका लगा है। सपा के डॉ. मानसिंह यादव ने भाजपा के अशोक कुमार राठौर को 27,663 मतों से पराजित कर जीत दर्ज की। इस निर्वाचन क्षेत्र में चित्रकूट समेत बुंदेलखंड के सात जिले शामिल हैं। इसके बावजूद स्थानीय प्रत्याशी को मैदान में उतारने की भाजपा की रणनीति सफल नहीं हो सकी। लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड की चार में से तीन सीटें गंवाने के बाद एमएलसी चुनाव में मिली हार ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सामने संगठन और जनाधार मजबूत करने की चुनौती बढ़ा दी है।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बांदा-चित्रकूट, हमीरपुर-महोबा और जालौन संसदीय सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी। बांदा-चित्रकूट सीट पर सपा की कृष्णा देवी शिवशंकर पटेल ने भाजपा के आरके सिंह पटेल को 71,210 मतों से हराया था। हमीरपुर-महोबा सीट पर सपा के अजेंद्र सिंह लोधी 2,629 मतों से जीते थे, जबकि जालौन सीट पर नारायण दास अहिरवार ने भाजपा के भानु प्रताप वर्मा को 53,898 मतों से शिकस्त दी थी। केवल झांसी-ललितपुर सीट पर भाजपा के अनुराग शर्मा जीत दर्ज करने में सफल रहे थे। MLC Elections :
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद भाजपा ने संगठन में बदलाव कर विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया था। चित्रकूट में सामान्य वर्ग के लवकुश चतुर्वेदी की जगह अनुसूचित जाति के महेंद्र कोटार्य को जिलाध्यक्ष बनाया गया। इसी तरह बांदा, हमीरपुर और महोबा समेत अन्य जिलों में भी संगठनात्मक फेरबदल किए गए। इसके बावजूद स्नातक एमएलसी चुनाव में पार्टी को जीत नहीं मिल सकी। MLC Elections :
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चित्रकूट, बांदा, झांसी, ललितपुर, जालौन, महोबा और हमीरपुर समेत 10 जिले शामिल हैं। इनमें सात जिले बुंदेलखंड के हैं, जबकि प्रयागराज, कौशांबी और फतेहपुर भी इस क्षेत्र का हिस्सा हैं। बुंदेलखंड की मजबूत हिस्सेदारी को देखते हुए भाजपा ने जालौन निवासी अशोक कुमार राठौर को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वह सपा के मौजूदा एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव को पराजित नहीं कर सके। डॉ. मानसिंह यादव को 60,358 मत मिले, जबकि अशोक कुमार राठौर को 32,695 मत प्राप्त हुए। इस तरह सपा प्रत्याशी ने 27,663 मतों से जीत दर्ज की। कुल 1,09,482 मतपत्रों की गणना हुई, जिनमें 9,596 मतपत्र निरस्त कर दिए गए। MLC Elections :
बुंदेलखंड के सात जिलों में कुल 19 विधानसभा सीटें हैं। इनमें भाजपा के 15 विधायक हैं। इनमें तिंदवारी के विधायक और प्रदेश सरकार में जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद भी शामिल हैं। वहीं, प्रयागराज, कौशांबी और फतेहपुर की 21 विधानसभा सीटों में भाजपा के 11 और सहयोगी दलों के दो विधायक हैं। इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी को जीत नहीं मिल सकी। हालांकि, स्नातक एमएलसी चुनाव में मतदान करने वाले मतदाता विधानसभा चुनाव के मतदाताओं से अलग होते हैं। इसलिए इस परिणाम को विधानसभा चुनाव का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता। फिर भी चित्रकूट समेत बुंदेलखंड में लोकसभा और एमएलसी चुनाव के परिणाम भाजपा के लिए आत्ममंथन का विषय हैं।
चित्रकूट समेत बुंदेलखंड के कई जिलों में लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। अब एमएलसी चुनाव में भी पार्टी को सफलता नहीं मिली है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के सामने संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने की चुनौती है। वहीं, सपा की जीत ने बुंदेलखंड की सियासत में पार्टी की स्थिति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। MLC Elections :
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