कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी से प्रभावित राजा भैया ने उन्हें सम्मानपूर्वक सेना में पायलट नियुक्त करने पर विचार करने की मांग की। जानिए पूरा मामला।

UP News : लखनऊ/प्रतापगढ़। दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में गंभीर संकट के दौरान यात्रियों की जान बचाने के लिए साहस दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की देश-दुनिया में चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तक उनकी सराहना कर चुके हैं। अब उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने कैप्टन मछार को सम्मानपूर्वक भारतीय सेना में पायलट के पद पर नियुक्त करने पर विचार करने की मांग की है। राजा भैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कैप्टन मछार की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए केंद्र सरकार के नेतृत्व से इस प्रस्ताव पर विचार करने का अनुरोध किया। उनके इस बयान के बाद कैप्टन मछार को सम्मानित करने और उनकी सेवाओं को मान्यता देने की मांग चर्चा में आ गई है।
राजा भैया ने अपने संदेश में कहा कि कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की प्रशंसा पूरी दुनिया कर रही है और यह सभी भारतीयों के लिए गर्व तथा प्रसन्नता की बात है। उन्होंने सुझाव दिया कि कैप्टन मछार को सम्मानपूर्वक सेना में पायलट के पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव पर केंद्रीय नेतृत्व विचार करे। राजा भैया की यह मांग ऐसे समय सामने आई है, जब विमान में गंभीर खतरे के बीच कैप्टन मछार द्वारा दिखाई गई हिम्मत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मछार और उनके ओमानी सह-पायलट के बीच हिंसक घटना हुई। रिपोर्टों में बताया गया कि सह-पायलट ने कैप्टन मछार पर चाकू से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के दौरान विमान में 174 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के होने की खबर सामने आई। संकट के बीच कैप्टन मछार ने स्थिति संभालने और विमान पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया। रिपोर्टों के मुताबिक, कॉकपिट तक पहुंचने और हमलावर को काबू करने में यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों ने भी मदद की। आखिरकार विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। इस आपात लैंडिंग से एक बड़ी विमानन दुर्घटना टलने की बात विभिन्न रिपोर्टों में कही गई है। UP News :
कैप्टन स्मित मछार इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद उन्हें सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई। 1 अक्टूबर 2026 को आई रिपोर्टों के अनुसार, इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई और उन्हें चिकित्सा सहायता मिल रही थी। इस घटना ने विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ संकट के समय पायलट की जिम्मेदारी और सूझबूझ के महत्व को भी सामने ला दिया है।
कैप्टन स्मित मछार भारतीय नागरिक और अनुभवी कमर्शियल पायलट हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह मुंबई से जुड़े हैं और उन्होंने अपने विमानन करियर का लंबा समय स्पाइसजेट में बिताया।
उनके करियर से जुड़ी प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:
स्पाइसजेट में शुरुआत: उन्होंने वर्ष 2011 में स्पाइसजेट के साथ काम शुरू किया था।
फ्लाईदुबई से जुड़ाव: जून 2022 में वह फ्लाईदुबई में डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के रूप में शामिल हुए।
विमान उड़ाने का अनुभव: उनके पास बोइंग 737 विमान उड़ाने का 9,750 घंटे से अधिक का अनुभव होने की जानकारी प्रकाशित हुई है।
प्रशिक्षण की जिम्मेदारी: स्पाइसजेट में उन्होंने सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन जैसी भूमिकाएं भी निभाईं।
उनका अनुभव और संकट की घड़ी में दिखाई गई हिम्मत इस घटना के बाद चर्चा का प्रमुख विषय बन गए हैं।
कैप्टन मछार की बहादुरी पर भारत और विदेशों के कई प्रमुख नेताओं ने प्रतिक्रिया दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अक्टूबर को कैप्टन मछार को हीरो बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। उन्होंने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मछार और संकट के समय मदद करने वाले यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों के साहस की प्रशंसा की।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कैप्टन की बहादुरी को सलाम किया और कहा कि उनके साहस ने अनेक लोगों की जान बचाने तथा बड़ी त्रासदी टालने में मदद की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन मछार की बहादुरी की सराहना की। इस तरह यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गई।
राजा भैया की मांग के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या कैप्टन स्मित मछार को भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में राजा भैया की ओर से ऐसी नियुक्ति पर विचार करने का अनुरोध सामने आया है। इसे नियुक्ति का आधिकारिक निर्णय या वायुसेना में शामिल किए जाने की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए। भारतीय वायुसेना में नियुक्ति के लिए लागू सेवा नियमों, पात्रता और चयन प्रक्रिया के अनुसार ही निर्णय लिया जा सकता है। राजा भैया के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार या भारतीय वायुसेना की ओर से किसी औपचारिक निर्णय की पुष्टि उपलब्ध खबरों में नहीं है।
कैप्टन स्मित मछार की घटना ने यह दिखाया कि विमानन क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवरों को किस तरह अप्रत्याशित और गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। राजा भैया की मांग अब इस चर्चा को एक नया आयाम देती है कि असाधारण साहस दिखाने वाले व्यक्ति को किस प्रकार सम्मानित किया जाए।
फिलहाल देश की नजर कैप्टन मछार के स्वास्थ्य में सुधार और उन्हें सम्मानित करने से जुड़े संभावित कदमों पर है। UP News :
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