बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत की ओर से छात्र प्रदर्शनकारियों को लेकर की गई विवादित टिप्पणी अब कानूनी विवाद में बदल गई है।

UP News : बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत की ओर से छात्र प्रदर्शनकारियों को लेकर की गई विवादित टिप्पणी अब कानूनी विवाद में बदल गई है। आगरा में राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कंगना रनौत के खिलाफ एमपी-एमएलए विशेष अदालत में मामला दाखिल कराया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त 2026 को होगी। यह कार्रवाई कंगना की उस सोशल मीडिया टिप्पणी से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और Gen Z के एक वर्ग को लेकर ‘Generation Gutter’ जैसी टिप्पणी की थी। मामला सामने आने के बाद कंगना की टिप्पणी को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता का आरोप है कि कंगना की टिप्पणी से देश के छात्रों और उनके अभिभावकों का अपमान हुआ है। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा बताते हुए अदालत का रुख किया है।
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जुलाई 2026 में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों के बाद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा किए थे। इन पोस्ट में उन्होंने प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो, भाषा और प्रदर्शनकारियों के व्यवहार पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
कंगना ने प्रदर्शन से जुड़े वीडियो को बेहद खराब बताते हुए कहा था कि उन्होंने एक जगह इतनी ‘बदसूरती’ पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की भाषा और व्यवहार पर भी सवाल उठाए। इसके बाद उन्होंने कुछ युवाओं को संबोधित करते हुए ‘Generation Gutter’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर विवाद खड़ा हो गया। कंगना की टिप्पणी केवल छात्रों तक सीमित नहीं रही। उनकी एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में युवा महिलाओं और आधुनिक जीवनशैली को लेकर भी कई तीखी टिप्पणियां थीं। इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आलोचना तेज हो गई थी।
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शिकायतकर्ता अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा के मुताबिक कंगना ने अपने बयान से छात्रों और उनके माता-पिता का अपमान किया है। उनका कहना है कि छात्र देश के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे और ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। शर्मा ने कंगना के खिलाफ एमपी-एमएलए के लिए गठित विशेष अदालत में मामला दाखिल किए जाने की जानकारी दी है। अब अदालत इस मामले में 21 अगस्त को सुनवाई करेगी।
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जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन NEET और परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं तथा पेपर लीक के आरोपों को लेकर हुआ था। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली में जुटे थे। यह आंदोलन कई दिनों तक चर्चा में रहा और इसके दौरान केंद्र सरकार तथा शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए गए। प्रदर्शन खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर आंदोलन से जुड़े वीडियो और पोस्ट वायरल हुए। इन्हीं वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग की भाषा और व्यवहार की आलोचना की थी।
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कंगना की ‘Generation Gutter’ टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन और विरोध में प्रतिक्रियाएं सामने आईं। आलोचकों ने आरोप लगाया कि एक सांसद को छात्रों और युवाओं के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। वहीं कंगना ने अपने बयानों के संदर्भ में प्रदर्शन के दौरान सामने आए कथित आपत्तिजनक कंटेंट और भाषा पर सवाल उठाए थे। बाद में कंगना ने Gen Z को लेकर अपने रुख को कुछ हद तक स्पष्ट करते हुए कहा कि पूरी पीढ़ी को कुछ लोगों के व्यवहार के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि Gen Z देश की ताकत है और केवल कुछ लोगों के व्यवहार को पूरी पीढ़ी से जोड़ना उचित नहीं है।
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आगरा में दाखिल मामले के बाद अब सभी की नजर अदालत की अगली सुनवाई पर है। 21 अगस्त को कोर्ट इस मामले पर सुनवाई करेगा। फिलहाल मामला शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों और कंगना की सोशल मीडिया टिप्पणियों के इर्द-गिर्द है।
यह विवाद एक बार फिर इस सवाल को सामने ला रहा है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को छात्रों और युवाओं के आंदोलनों पर टिप्पणी करते समय किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। अब अदालत की कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि इस शिकायत पर आगे किस दिशा में कार्रवाई होती है।
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