डिंपल यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद मौलाना पर केस, मस्जिद में सियासी बैठक को लेकर भी छिड़ा विवाद
Delhi/Lucknow News
दिल्ली
RP Raghuvanshi
28 Jul 2025 07:53 PM
दिल्ली
RP Raghuvanshi
28 Jul 2025 07:53 PM
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव के पहनावे को लेकर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। सपा नेता प्रवेश यादव की शिकायत पर लखनऊ के विभूतिखंड थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मौलाना के बयान को महिला विरोधी बताते हुए राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस बीच, दिल्ली की संसद मार्ग स्थित मस्जिद में समाजवादी पार्टी की बैठक पर भी विवाद गहराता जा रहा है। Delhi/Lucknow News
क्या कहा था मौलाना साजिद रशीदी ने?
मौलाना साजिद रशीदी, जो आॅल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, ने एक टीवी चैनल पर बहस के दौरान डिंपल यादव के सिर न ढकने पर सवाल खड़े करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। यह टिप्पणी उस बैठक से जुड़ी थी जो संसद मार्ग स्थित मस्जिद में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, डिंपल यादव, इकरा हसन और अन्य नेताओं की उपस्थिति में हुई थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और धार्मिक विवाद
मौलाना के बयान पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और महिला संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं, भाजपा के कुछ नेताओं ने भी इस टिप्पणी को "घोर महिला विरोधी और अस्वीकार्य" करार दिया है, हालांकि रशीदी को अकसर भाजपा समर्थक के तौर पर देखा जाता रहा है। दूसरी ओर, आल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष शहाबुद्दीन रजवी ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर मस्जिद में सपा नेताओं की बैठक को मस्जिद की पवित्रता के खिलाफ बताया और इमाम मुहिबुल्ला नदवी को पद से हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि मस्जिद में सिर्फ इबादत की जा सकती है, राजनीतिक बैठक नहीं। रजवी ने यह भी कहा कि मस्जिद में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है, बावजूद इसके डिंपल यादव और एक अन्य महिला नेता बैठक में शामिल हुईं, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
वक्फ संपत्ति का राजनीतिक इस्तेमाल?
यह मस्जिद दिल्ली वक्फ बोर्ड के अधीन है, जिसकी वित्तीय देखरेख राज्य सरकार द्वारा की जाती है। बोर्ड की ओर से इमाम और मुअज्जिन की नियुक्ति होती है। रजवी ने सुझाव दिया है कि नदवी को हटाकर किसी गैर-राजनीतिक सूफी विचारधारा वाले इमाम को नियुक्त किया जाए, ताकि मस्जिद को राजनीतिक गतिविधियों से अलग रखा जा सके।
डिंपल यादव पर विवादित टिप्पणी और मस्जिद में राजनीतिक बैठक ये दोनों घटनाएं केवल व्यक्तिगत या दलगत विवाद नहीं हैं, बल्कि इनके धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक आयाम हैं। जहां एक ओर महिलाओं की सार्वजनिक भूमिका और धार्मिक स्थानों में भागीदारी पर चर्चा छिड़ी है, वहीं वक्फ संपत्ति के दायरे और उसके दुरुपयोग की आशंका पर भी सवाल उठ रहे हैं।